मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण को रोकने के लिए 'यूपी आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉर्पोरेशन' (UPCOS) लॉन्च किया है। इस कदम से 3.5 लाख कर्मचारियों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के साथ सीधा लाभ प्राप्त होगा।

  • यूपी आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉर्पोरेशन (UPCOS) का आधिकारिक शुभारंभ।
  • 3.5 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ।
  • बिचौलियों का अंत और वेतन का सीधा बैंक खाते में भुगतान।
  • दुर्घटना बीमा के तहत 40 लाख रुपये तक की सुरक्षा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्य के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉर्पोरेशन (UPCOS) का शुभारंभ किया। लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने यूपीकोस (UPCOS) पोर्टल, वेबसाइट और इसके आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि अब व्यवस्था में बिचौलियों के लिए कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई कॉर्पोरेशन के माध्यम से 3.5 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और उनके परिवारों सहित लगभग 17-20 लाख लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा, "कर्मचारियों के अधिकार अब किसी व्यक्ति की कृपा पर निर्भर नहीं होंगे, बल्कि उनकी मेहनत से अर्जित किए जाएंगे।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम उत्तर प्रदेश के श्रम बाजार में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। लंबे समय से आउटसोर्सिंग कर्मचारी वेतन कटौती, अनियमित भुगतान और नौकरी की असुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। UPCOS का गठन इस अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक और पारदर्शी बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करेगा।

"यह कॉर्पोरेशन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को एक संगठित, कुशल और सम्मानित कार्यबल में बदल देगा।"

मुख्यमंत्री ने पुराने सिस्टम की खामियों को उजागर करते हुए बताया कि पहले कर्मचारियों को वेतन और अन्य सुविधाओं के लिए अलग-अलग दरवाजों पर भटकना पड़ता था। अब, वेतन हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में जमा किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनियां अब कर्मचारियों के वेतन से सर्विस चार्ज नहीं काट सकेंगी; सरकार एजेंसियों को सीधे भुगतान करेगी।

सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक बड़ा पैकेज है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्मचारियों को ESI के माध्यम से मुफ्त इलाज और आयुष्मान भारत के साथ समन्वय के जरिए 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। दुर्घटना की स्थिति में, कर्मचारियों के परिवारों को श्रेणी के आधार पर 20 लाख से 40 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसमें आग लगने या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में भी आर्थिक सहायता के प्रावधान शामिल हैं।

सुविधापुरानी व्यवस्थानई UPCOS व्यवस्था
वेतन भुगतानअनिश्चित और बिचौलियों के माध्यम सेप्रत्येक माह 1-5 तारीख तक सीधे बैंक खाते में
सर्विस चार्जकंपनियां कर्मचारियों के वेतन से काटती थींसरकार सीधे एजेंसी को भुगतान करेगी
नौकरी की सुरक्षाबिना किसी सूचना के हटाया जा सकता थाकंपनी को पहले सरकार को सूचित करना होगा
स्वास्थ्य सुरक्षान्यूनतम या कोई सुरक्षा नहींESI और आयुष्मान भारत के तहत व्यापक कवर

डिजिटल गवर्नेंस पर जोर देते हुए, योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, योग्यता और मेरिट आधारित होगी। पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी अपनी उपस्थिति, वेतन, कटौती और अन्य सेवा विवरणों की डिजिटल निगरानी कर सकेंगे। यदि किसी को समस्या होती है, तो वे पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

Did You Know?: यूपीकोस (UPCOS) के माध्यम से अब भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नीतियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

Frequently Asked Questions

1. UPCOS पोर्टल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती, वेतन, उपस्थिति और अन्य लाभों को पारदर्शी और डिजिटल बनाना है ताकि बिचौलियों का प्रभाव खत्म हो सके।

2. क्या आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को अब बीमा कवर मिलेगा?
हाँ, कर्मचारियों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।