केंद्र सरकार तमिलनाडु के तट पर अपतटीय पवन ऊर्जा (Offshore Wind) के लिए नए टेंडर जारी करने की योजना बना रही है। NIWE ने सभी व्यवहार्यता अध्ययन पूरे कर लिए हैं और क्षमता का स्तर काफी उत्साहजनक है।

  • तमिलनाडु के तट पर अपतटीय पवन ऊर्जा के लिए नई निविदाएं जल्द आ सकती हैं।
  • NIWE ने हवा की गति और भू-तकनीकी डेटा का अध्ययन पूरा कर लिया है।
  • क्षमता उपयोग कारक (Capacity Utilisation Factor) 50% से अधिक पाया गया है।
  • सरकार तमिलनाडु और गुजरात के लिए विशेष क्षेत्र चिन्हित कर रही है।

भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुलहारी ने संकेत दिया है कि तमिलनाडु के तट पर अपतटीय पवन ऊर्जा (Offshore Wind) के लिए नई निविदाएं (Tenders) पेश करने हेतु परामर्श प्रक्रिया चल रही है। यह घोषणा 'विंडर्जी इंडिया 2026' से पहले की गई है।

राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) ने तमिलनाडु के तट पर आवश्यक सभी तकनीकी और वैज्ञानिक अध्ययन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इन अध्ययनों में हवा की गति, भू-तकनीकी (Geo-technical) और भू-भौतिकीय (Geo-physical) डेटा का संग्रह शामिल था। अध्ययन के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे हैं, जो इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के नेट-जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपतटीय पवन ऊर्जा एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। तमिलनाडु के पास विशाल तटरेखा है, और 50% से अधिक का क्षमता उपयोग कारक (CUF) इसे सौर ऊर्जा की तुलना में अधिक विश्वसनीय बनाता है।

तमिलनाडु के तट पर हवा की गति और भौगोलिक स्थिति अपतटीय पवन ऊर्जा के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

पूर्व में, सरकार ने तमिलनाडु और गुजरात के तटों पर आठ संभावित क्षेत्रों की पहचान की थी। हालांकि, पिछले प्रयासों में तमिलनाडु में निविदाओं को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली थी, जिसके कारण कुछ बाधाएं आई थीं। लेकिन अब, नए डेटा और बेहतर योजना के साथ, सरकार इस क्षेत्र को फिर से सक्रिय करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में पवन ऊर्जा का इतिहास दशकों पुराना है, लेकिन 'अपतटीय' (Offshore) पवन ऊर्जा अभी भी विकास के शुरुआती चरणों में है। तमिलनाडु पहले से ही तटवर्ती पवन ऊर्जा का एक प्रमुख केंद्र रहा है, और अब समुद्र के भीतर बिजली पैदा करना देश की ऊर्जा सुरक्षा को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

Did You Know?: अपतटीय पवन टर्बाइन तटवर्ती टर्बाइनों की तुलना में अधिक शक्तिशाली और स्थिर हवा का लाभ उठाते हैं।

Frequently Asked Questions

1. NIWE का क्या कार्य है?
NIWE (National Institute of Wind Energy) भारत में पवन ऊर्जा से संबंधित शोध, विकास और तकनीकी अध्ययन करता है।

2. तमिलनाडु में अपतटीय पवन ऊर्जा क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि यहाँ हवा की गति स्थिर है और क्षमता उपयोग कारक 50% से अधिक है, जो बिजली उत्पादन के लिए आदर्श है।