लक्समी ग्रुप के प्रतिष्ठित माकैबारी टी एस्टेट ने दार्जिलिंग के छोटे चाय उत्पादकों के साथ मिलकर 'माकैबारी कलेक्टिव' ब्रांड लॉन्च करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य जैविक चाय के उत्पादन को बढ़ावा देना और छोटे किसानों की आय में वृद्धि करना है।
- माकैबारी कलेक्टिव के तहत सालाना 10,000 किलोग्राम पत्तियों की खरीद का लक्ष्य।
- लक्समी ग्रुप अपनी कुल आवश्यकता का 25% हिस्सा छोटे उत्पादकों से खरीदेगा।
- छोटे उत्पादकों को कुल लाभ में समान हिस्सा मिलेगा।
- इस पहल से लक्समी ग्रुप को सालाना 20% की वृद्धि की उम्मीद है।
दार्जिलिंग के विश्व प्रसिद्ध चाय उद्योग में एक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। लक्समी ग्रुप के स्वामित्व वाले प्रतिष्ठित माकैबारी टी एस्टेट ने दार्जिलिंग के छोटे चाय उत्पादकों (STGs) के साथ साझेदारी करने का निर्णय लिया है। इस नई पहल के तहत 'माकैबारी कलेक्टिव' नामक एक नया ब्रांड सेगमेंट बनाया जाएगा, जो क्षेत्र की चाय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।
लक्समी ग्रुप के प्रबंध निदेशक, रुद्र चटर्जी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जैविक चाय उगाने वाले छोटे किसानों की आजीविका को मजबूत करना है। इस नए ब्रांड के माध्यम से, छोटे किसान सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित जैविक चाय को माकैबारी के स्थापित नाम के तहत वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। इससे उन्हें शून्य से बाजार बनाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि माकैबारी अपने मौजूदा 'अपूर्वा' और 'ग्रीन वैली' चाय श्रेणियों को इस नए संग्रह में शामिल करेगा, जिनका बाजार मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल एक व्यावसायिक विस्तार नहीं है, बल्कि दार्जिलिंग के चाय पारिस्थितिकी तंत्र को सामाजिक रूप से समावेशी बनाने की एक बड़ी कोशिश है। छोटे उत्पादकों को वैश्विक ब्रांड के साथ जोड़कर, लक्समी ग्रुप न केवल अपनी आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण में भी योगदान दे रहा है।
यह साझेदारी दार्जिलिंग के चाय मॉडल को 'कॉर्पोरेट-किसान सहयोग' के एक नए स्तर पर ले जाएगी।
इस योजना के तहत, माकैबारी अपनी कुल आवश्यकता का 25% हिस्सा छोटे उत्पादकों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन छोटे उत्पादकों को कुल लाभ में समान अनुपात में हिस्सा दिया जाएगा। इस रणनीतिक कदम से लक्समी ग्रुप को अपने वार्षिक राजस्व में 20% की वृद्धि होने का अनुमान है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1859 में स्थापित, माकैबारी दार्जिलिंग का सबसे पुराना और निरंतर संचालित चाय बागान है। यह प्रीमियम, जैविक रूप से खेती की जाने वाली दार्जिलिंग चाय का एक वैश्विक नाम बन चुका है। वर्तमान में, माकैबारी की चाय का निर्यात मुख्य रूप से जापान, जर्मनी, यूके और अमेरिका जैसे देशों में किया जाता है।
दार्जिलिंग में 2025 में लगभग 56 लाख किलो चाय का उत्पादन हुआ था, जिसमें लगभग 2,500 छोटे उत्पादक शामिल हैं। यह नई पहल इन छोटे उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता प्रदान करेगी।
Frequently Asked Questions
1. माकैबारी कलेक्टिव क्या है?
यह लक्समी ग्रुप की एक नई पहल है जो दार्जिलिंग के छोटे जैविक चाय उत्पादकों की पत्तियों को एक प्रीमियम ब्रांड के तहत बाजार में लाएगी।
2. छोटे उत्पादकों को इससे क्या लाभ होगा?
उन्हें माकैबारी के स्थापित वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी और वे कुल लाभ में समान हिस्सेदार होंगे।