अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के दावे और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसल गया।
- डोनाल्ड ट्रंप के 'वॉर मोड' और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण के दावे से वैश्विक अस्थिरता बढ़ी।
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 700 अंकों से अधिक गिर गया।
- कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल (Brent Crude $96+) ने एशियाई बाजारों के सेंटीमेंट को बिगाड़ा।
- इंडिगो, गोधरेज प्रॉपर्टीज और वोल्टास जैसे प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल भरा दिन रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख और ईरान के साथ बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। जैसे ही बाजार खुला, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,944 के मुकाबले तेजी से गिरकर 76,135 के स्तर पर आ गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 24,055 से फिसलकर 23,786 के स्तर पर पहुंच गया।
क्यों मचा है बाजार में कोहराम?
बाजार में इस अचानक आई गिरावट का मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है जिसमें उन्होंने दावा किया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अब अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढहने की कगार पर है। अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक और ट्रंप के 'वॉर मोड' ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता और भय पैदा कर दिया है।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल ने वैश्विक सप्लाई चेन और निवेशकों के विश्वास को झकझोर दिया है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, जब भी मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव बढ़ता है, उसका सीधा असर ऊर्जा की कीमतों पर पड़ता है। इस बार भी यही हुआ; ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। तेल की कीमतों में इस उछाल ने न केवल भारतीय बल्कि एशियाई बाजारों (जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया) को भी लाल निशान में धकेल दिया है।
प्रमुख शेयरों का हाल
बाजार की इस गिरावट में लार्ज कैप और मिडकैप दोनों ही क्षेत्रों के शेयर बुरी तरह प्रभावित हुए। सबसे अधिक नुकसान झेलने वाले शेयरों में IndiGo Share (2.70%) और Eternal Share (1.90%) शामिल रहे। मिडकैप श्रेणी में Godrej Properties (3%), GVT&D Share (3.10%) और Voltas (2.20%) में बड़ी गिरावट देखी गई। स्मॉलकैप सेगमेंट में भी KFIN Tech (3.45%) और Brigade (3%) जैसे शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
| इंडेक्स / कमोडिटी | गिरावट / बदलाव | वर्तमान स्तर (अनुमानित) |
|---|---|---|
| BSE Sensex | -700+ अंक | 76,135 |
| NSE Nifty | -250+ अंक | 23,786 |
| Brent Crude Oil | बढ़त | $96/बैरल |
| WTI Crude Oil | बढ़त | $92/बैरल |
Frequently Asked Questions
1. शेयर बाजार में आज इतनी बड़ी गिरावट क्यों हुई?
मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है।
2. तेल की कीमतों बढ़ने से शेयर बाजार पर क्या असर पड़ता है?
तेल की कीमतें बढ़ने से मुद्रास्फीति (Inflation) का खतरा बढ़ता है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ती है और निवेशकों का भरोसा कम होता है, जिससे बाजार गिरता है।