कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ एक ऐसे व्यापार समझौते की संभावना जताई है जो दोनों देशों के श्रमिकों और व्यवसायों के लिए फायदेमंद हो। यह बयान हालिया टैरिफ युद्ध और टूटी हुई बातचीत के बीच आया है।
- प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ एक संतुलित व्यापार समझौते के लिए तत्परता जताई है।
- हालिया व्यापार वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने कनाडाई सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया है।
- कनाडा अब अमेरिकी आयात पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए घरेलू बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहा है।
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक ऐसे व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है जो दोनों राष्ट्रों के हितों की रक्षा करे। थंडर बे, ओंटारियो में पत्रकारों से बात करते हुए, कार्नी ने कहा कि एक सफल समझौता वह होगा जो न केवल कनाडाई परिवारों और व्यवसायों के लिए, बल्कि अमेरिकी उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी समझौते में स्थिरता और विश्वसनीयता का होना अनिवार्य है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान संकट
यह बयान एक अत्यंत तनावपूर्ण आर्थिक वातावरण में आया है। पिछले महीने अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता अंतिम क्षणों में विफल हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगा दिया है। इसके जवाब में, कनाडा भी अगले सप्ताह समान मात्रा में जवाबी टैरिफ लागू करने जा रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका ने 1 जनवरी से सभी कनाडाई कारों और उनके पुर्जों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
बोजोकमीडिया विश्लेषण: क्या यह केवल राजनीति है?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि व्यापारिक संबंधों में यह दरार केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक भी है। जब अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने आरोप लगाया कि कनाडा घरेलू राजनीति के कारण व्यापार समझौते से पीछे हट गया, तो कार्नी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि अमेरिकी कैबिनेट सदस्य कनाडाई राजनीति के विशेषज्ञ नहीं हैं। कार्नी ने संकेत दिया कि अमेरिका के रुख में अब थोड़ी नरमी आई है, विशेष रूप से कनाडाई भाषा और संस्कृति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर।
"हम उस समझौते के लिए बैठने को तैयार हैं जब अमेरिकी इसके लिए तैयार होंगे, बशर्ते वह दोनों पक्षों के लिए न्यायसंगत हो।"
बदलते व्यापारिक समीकरण
ऐतिहासिक रूप से, अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है, जहाँ कनाडा के लगभग 80% निर्यात जाते थे। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद, ओटावा अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। सांख्यिकी कनाडा के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कनाडा के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी घटकर 66.35% रह गई है, जो पिछले वर्ष इसी समय 72.64% थी।
| विवरण | वर्ष 2024/25 (अनुमानित) | जुलाई 2026 (वर्तमान) |
|---|---|---|
| अमेरिका को निर्यात हिस्सेदारी | 72.64% | 66.35% |
| अमेरिकी आयात पर निर्भरता | 62% | 59% |
निर्भरता कम करने के रणनीतिक कदम के रूप में, कार्नी ने 4.7 बिलियन कनाडाई डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इस राशि का उपयोग कनाडा के भीतर 300 से अधिक वाया रेल (Via Rail) यात्री रेल कारों के निर्माण और रखरखाव के लिए किया जाएगा, जिससे अमेरिकी आयात पर निर्भरता कम होगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वर्तमान व्यापार युद्ध का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारण अमेरिका द्वारा कनाडाई वस्तुओं पर लगाए गए 50% टैरिफ और वार्ताओं का विफल होना है।
प्रश्न 2: क्या कनाडा अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है?
उत्तर: हाँ, कनाडा अपने निर्यात और आयात दोनों में अमेरिकी हिस्सेदारी को कम करने के लिए घरेलू विनिर्माण और बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहा है।