पेरम्बालुर जिले के चेट्टिकुलम में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद छोटे प्याज की साप्ताहिक नीलामी फिर से शुरू हो गई है। इससे किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचने और बेहतर दाम पाने में मदद मिलेगी।
- चेट्टिकुलम प्याज मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स में 8 साल बाद नीलामी बहाल।
- GI टैग प्राप्त छोटे प्याज के लिए किसानों को अब बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
- नीलामी हर गुरुवार को आयोजित की जाएगी।
- पहले दिन 2.79 मीट्रिक टन प्याज की सफल नीलामी हुई।
तमिलनाडु के पेरम्बालुर जिले के अलाथुर तालुक में स्थित चेट्टिकुलम प्याज मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। कृषि विपणन और कृषि व्यवसाय विभाग ने आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छोटे प्याज की साप्ताहिक नीलामी को फिर से शुरू कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य स्थानीय किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बचाना और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है।
चेट्टिकुलम और आसपास के गांवों में उगाए जाने वाले छोटे प्याज अपनी विशिष्ट गुलाबी रंगत, एकसमान आकार और तीखेपन के लिए प्रसिद्ध हैं। इनकी गुणवत्ता को देखते हुए, 2025 में इन्हें भौगोलिक संकेत (GI Tag) भी प्रदान किया गया था। पेरम्बालुर जिला राज्य में प्याज की खेती का एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ सालाना लगभग 6,500 हेक्टेयर भूमि पर यह फसल उगाई जाती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस नीलामी का पुनरुद्धार केवल एक व्यापारिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक सुरक्षा कवच है। इससे पहले, किसान अक्सर कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और व्यापारियों के सिंडिकेट के कारण शोषण का शिकार होते थे। नीलामी बंद होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए तिरुचि जैसे दूरस्थ बाजारों में जाना पड़ता था, जिससे परिवहन लागत और कमीशन का बोझ बढ़ जाता था।
स्थानीय कृषि बाजारों का पुनरुद्धार सीधे तौर पर ग्रामीण आय में वृद्धि और बिचौलियों की मनमानी पर अंकुश लगाने का काम करता है।
नीलामी की शुरुआत गुरुवार को जिला कलेक्टर शरण्य एरी की उपस्थिति में की गई। पहले दिन, 28 किसानों द्वारा लाए गए 2.79 मीट्रिक टन प्याज की नीलामी की गई। बाजार में मांग अच्छी रही और प्रथम श्रेणी के प्याज ने ₹76 प्रति किलोग्राम का उच्चतम भाव प्राप्त किया। नीलामी में 25 से अधिक व्यापारियों ने भाग लिया, जिससे कुल ₹1.47 लाख का कारोबार हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, अब से प्रत्येक गुरुवार को नीलामी आयोजित की जाएगी। किसानों के लिए सबसे बड़ा लाभ यह है कि उन्हें अब बिचौलियों को 8.5% तक का कमीशन नहीं देना होगा और न ही लंबी दूरी के परिवहन का खर्च उठाना पड़ेगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: चेट्टिकुलम में नीलामी क्यों बंद हो गई थी?
उत्तर: व्यापारियों की कम भागीदारी और व्यापारियों के कथित सिंडिकेट के कारण 2018 के आसपास नीलामी निलंबित कर दी गई थी।
प्रश्न 2: इस नीलामी से किसानों को क्या आर्थिक लाभ होगा?
उत्तर: किसान बिचौलियों को दिए जाने वाले 8.5% कमीशन और तिरुचि जैसे दूर के बाजारों में जाने के परिवहन खर्च से बच सकेंगे।