एम्बेसी ग्रुप द्वारा समर्थित वीवर्क इंडिया कर्नाटक में 10 MWp का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। ₹35 करोड़ के इस निवेश का उद्देश्य कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा हिस्सेदारी को 50% तक बढ़ाना है।
- वीवर्क इंडिया कर्नाटक में ₹35 करोड़ के निवेश के साथ 10 MWp का सौर संयंत्र लगाएगी।
- यह संयंत्र सालाना लगभग 15-16 मिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा करेगा।
- इसका लक्ष्य 2028 तक 100% नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त करना है।
- इस संयंत्र से वीवर्क के वर्तमान पोर्टफोलियो में रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा 40% से बढ़कर 50% हो जाएगा।
फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस डेवलपर वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट लिमिटेड (WeWork India Management Limited), जिसे रियल एस्टेट दिग्गज एम्बेसी ग्रुप (Embassy Group) द्वारा समर्थित किया जाता है, कर्नाटक में एक महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा परियोजना शुरू करने जा रही है। कंपनी ने 10 MWp (DC) क्षमता वाले ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र के विकास के लिए ₹35 करोड़ के निवेश की घोषणा की है।
इस परियोजना का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) तक इसे चालू करना है। अनुमान है कि यह संयंत्र सालाना लगभग 15 से 16 मिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा। यह पहल वीवर्क इंडिया के दीर्घकालिक स्थिरता लक्ष्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 2028 तक अपनी पूरी बिजली जरूरतों के लिए 100% नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करना है।
रणनीतिक महत्व और परिचालन प्रभाव
इस सौर संयंत्र से उत्पन्न होने वाली लगभग 80% बिजली का उपयोग वीवर्क इंडिया के मौजूदा परिचालनों के लिए किया जाएगा, जिसमें बेंगलुरु के 10 प्रमुख केंद्र शामिल हैं। शेष 20% ऊर्जा का उपयोग कंपनी के भविष्य के विस्तार और नए केंद्रों के लिए किया जाएगा। वर्तमान में, वीवर्क के पोर्टफोलियो में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 40% है, जो इस संयंत्र के चालू होने के बाद बढ़कर 50% होने की उम्मीद है।
बेंगलुरु हमारा सबसे बड़ा बाजार है, जो इस स्तर के निवेश के लिए एक प्राकृतिक शुरुआती बिंदु है। हम चाहते हैं कि हमारी वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा द्वारा संचालित हो।
वीवर्क इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ, करण विरवानी (Karan Virwani) ने कहा कि यह निवेश न केवल कार्बन फुटप्रिंट को कम करेगा, बल्कि अगले 25 वर्षों के लिए ऊर्जा लागत पर अधिक निश्चितता भी प्रदान करेगा। कर्नाटक को एक रणनीतिक स्थान के रूप में चुना गया है क्योंकि बेंगलुरु में कंपनी के 30 परिचालन केंद्र हैं, जो कंपनी की कुल बिजली खपत का लगभग 30% हिस्सा कवर करते हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कॉर्पोरेट जगत में ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) मानकों की ओर बढ़ता झुकाव अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक व्यावसायिक आवश्यकता बन गया है। वीवर्क का यह कदम दिखाता है कि कैसे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को स्थिरता के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे भविष्य में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिलती है।
Frequently Asked Questions
1. वीवर्क इंडिया का सौर ऊर्जा संयंत्र कब तक चालू होगा?
यह संयंत्र वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) तक चालू होने के लिए लक्षित है।
2. इस सौर परियोजना में कुल कितना निवेश किया जा रहा है?
कंपनी इस परियोजना के लिए ₹35 करोड़ का निवेश करेगी।