प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए भारत की 7.8% की जीडीपी वृद्धि का जश्न मनाया और देश के आर्थिक परिवर्तन का खाका पेश किया।
- भारत ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 7.8% की तिमाही जीडीपी वृद्धि दर हासिल की है।
- प्रधानमंत्री ने 2013 के 'नीतिगत पंगुपन' और वर्तमान आर्थिक मजबूती के बीच तुलना की।
- जन धन योजना के माध्यम से 60 करोड़ से अधिक बैंक खाते फिनटेक क्रांति का आधार बने हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में आयोजित एक विशेष 'चर्चा' के दौरान देश के भविष्य के कर्णधारों, यानी छात्रों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की आर्थिक मजबूती का प्रमाण देते हुए 7.8% की तिमाही जीडीपी वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध जैसे वैश्विक संकटों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने जबरदस्त लचीलापन दिखाया है।
अपने संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने 2013 के अपने पुराने भाषण को याद किया और वर्तमान प्रगति के साथ उसकी तुलना की। उन्होंने कहा कि उस समय देश नीतिगत पंगुपन (Policy Paralysis), दोहरे अंकों की मुद्रास्फीति और उच्च चालू खाता घाटे जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। इसके विपरीत, आज भारत फिनटेक, बुनियादी ढांचे और रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनकर उभर रहा है।
विकास का नया युग
प्रधानमंत्री ने डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता का श्रेय जन धन योजना को दिया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में 60 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिसने देश में फिनटेक क्रांति के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल बुनियादी ढांचा अब भारत को दुनिया के अन्य विकसित देशों से अलग खड़ा करता है।
"भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन बन चुका है।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पीएम मोदी का यह संबोधन केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि युवाओं को 'विकसित भारत' के विजन से जोड़ने का एक रणनीतिक प्रयास था। उन्होंने 'माई बाप संस्कृति' (Mai Baap Culture) को खारिज करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने आलोचकों पर भी निशाना साधा और कहा कि सत्य को कभी भी झूठ से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहाँ नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिले।
Frequently Asked Questions
1. पीएम मोदी ने किन आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख किया?
उन्होंने 2013 के दौर के नीतिगत पंगुपन, उच्च मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे का उल्लेख किया।
2. फिनटेक क्रांति में जन धन योजना की क्या भूमिका है?
जन धन योजना के तहत खोले गए 60 करोड़ बैंक खातों ने डिजिटल लेनदेन और वित्तीय समावेशन का आधार बनाया है।