शिवामोग्गा में आयोजित सह्याद्री कृषि संधि ने हजारों किसानों और निवासियों को आकर्षित किया। यह कार्यक्रम कृषि बीज, पौधे और उपकरणों के व्यापार के लिए एक समग्र मंच के रूप में कार्य करता है। प्रमुख किसानों की सफलता की कहानियाँ इस कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बनाती हैं।
- हजारों किसानों और निवासियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
- 150 से अधिक स्टॉल, जिनमें 25 नर्सरी शामिल हैं, उपलब्ध थे।
- फार्मर वीरेश की सफलता की कहानी ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बनाया।
सह्याद्री कृषि संधि, केलाड़ी शिवप्प नायक कृषि एवं बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित, 5 सितंबर को शिवामोग्गा में भव्य रूप से खुला। यह दो दिवसीय कार्यक्रम कृषि बीज, पौधों, उपकरणों और मूल्यवर्धित उत्पादों के व्यापार के लिए एक समग्र मंच के रूप में कार्य करता है।
उद्घाटन पर विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष-चांसलर एम.वी. धनंजय ने कार्यक्रम का स्वागत करते हुए किसानों को नई तकनीकों और उत्पादों से अवगत कराया। पहली दिन के दौरान, नेवुले कृषि कॉलेज के परिसर में 150 से अधिक स्टॉल स्थापित किए गए, जिनमें 25 नर्सरी भी शामिल थीं।
किसान वीरेश, जो बेडारा होसहाली से हैं, ने 21 गुन्ट (0.5 एकड़) के छोटे से खेत पर गुआवा, नींबू घास और दालचीनी के पौधे उगाए और उन्हें बेचने के लिए स्टॉल लगाया। उन्होंने अपनी कहानी साझा की कि कैसे उन्होंने सेना में शामिल होने के बाद खेती की दुनिया में कदम रखा।
इस कार्यक्रम ने न केवल किसानों को अपने उत्पादों का विपणन करने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों और प्रथाओं से भी परिचित कराया। विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए प्रदर्शन प्लॉट्स ने आगंतुकों को कृषि नवाचारों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका दिया।
सह्याद्री कृषि संधि का उद्देश्य स्थानीय किसानों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ वे अपने अनुभव साझा कर सकें और नए व्यापारिक अवसरों की खोज कर सकें। यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम स्थानीय कृषि उत्पादन को बढ़ाने और ग्रामीण आय में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे किसानों के बीच ज्ञान साझा करने को प्रोत्साहित करते हैं और नई तकनीकों के अपनाने को तेज करते हैं।
"कृषि संधि किसानों के बीच सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देती है, जिससे क्षेत्रीय कृषि उत्पादन में स्थायी वृद्धि होती है," - प्रोफेसर राधाकृष्णन, कृषि विज्ञान विभाग।
Frequently Asked Questions
Q1: सह्याद्री कृषि संधि क्या है?
सह्याद्री कृषि संधि केलाड़ी शिवप्प नायक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक कृषि व्यापार और ज्ञान साझा करने का कार्यक्रम है, जो किसानों को अपने उत्पादों का विपणन और नई तकनीकों को सीखने का अवसर देता है।
Q2: किसानों को इस कार्यक्रम से कैसे लाभ मिलता है?
किसी भी किसान को अपने उत्पादों का सीधे उपभोक्ताओं और व्यापारियों को बेचने का मौका मिलता है, साथ ही उन्हें नई खेती तकनीकों और बाज़ार रुझानों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।