तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में सांबा और थलाडी धान सीजन के लिए कल्लनई (ग्रैंड एनिकट) से सिंचाई का पानी छोड़ दिया गया है। इससे 4.8 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की खेती होने की उम्मीद है।
- कल्लनई बांध से सिंचाई के लिए पानी का आधिकारिक प्रवाह शुरू।
- 4.8 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सांबा और थलाडी धान की खेती का लक्ष्य।
- तंजावुर और तिरुवारुर जिले मुख्य लाभार्थी होंगे।
तमिलनाडु के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण आते ही, कृषि मंत्री आर. विनोद और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ए.एम. शाहजहान ने रविवार को तंजावुर जिले में स्थित ऐतिहासिक कल्लनई (ग्रैंड एनिकट) से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा। इस अवसर पर जिले के कलेक्टरों और स्थानीय किसानों ने धान के बीज और फूल अर्पित कर कावेरी नदी का स्वागत किया।
यह जल निकासी सांबा और थलाडी धान के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है, जो तंजावुर, तिरुवारुर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और कराईकल जैसे डेल्टा जिलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैसे ही रेगुलेटर खोले गए, कावेरी, वेन्नारू और कोल्लिडम नदियों में पानी का प्रवाह शुरू हो गया। अधिकारियों ने बताया कि कावेरी और वेन्नारू में 1,000 क्यूसेक, जबकि ग्रैंड एनिकट नहर और कोल्लिडम में 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह जल वितरण न केवल कृषि उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। मेट्टूर बांध में पानी के स्तर में देरी के कारण इस साल खेती का चक्र प्रभावित हुआ था, लेकिन अब पानी की उपलब्धता से किसानों के बीच राहत की लहर है।
समय पर पानी का मिलना डेल्टा क्षेत्र के लाखों किसानों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक है।
इस वर्ष मेट्टूर बांध से पानी का प्रवाह निर्धारित समय (12 जून) पर नहीं हो पाया था क्योंकि भंडारण कम था। हालांकि, जल स्तर 90 फीट को पार करने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 1 सितंबर को पानी छोड़ने की अनुमति दी। मेट्टूर से लगभग पांच दिनों की यात्रा के बाद, यह पानी शनिवार रात को ग्रैंड एनिकट पहुंचा।
क्षेत्रवार धान कवरेज का अनुमान
| जिला | अनुमानित धान कवरेज (हेक्टेयर/एकड़) |
|---|---|
| तंजावुर | 1.25 लाख एकड़ |
| तिरुवारुर | 1.40 लाख हेक्टेयर |
| नागपट्टिनम | 61,000 हेक्टेयर |
| मयिलादुथुराई | 64,000 एकड़ |
ऐतिहासिक रूप से, कल्लनई बांध दुनिया के सबसे पुराने जल प्रबंधन ढांचों में से एक है। इस साल का सीजन चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन पर्याप्त पानी की उपलब्धता से 4.8 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की फसल उगाई जा सकेगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस सीजन में कितने हेक्टेयर में धान की खेती होने की उम्मीद है?
उत्तर: उम्मीद है कि डेल्टा जिलों में 4.8 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सांबा और थलाडी धान की खेती की जाएगी।
प्रश्न 2: मेट्टूर बांध से पानी देरी से क्यों छोड़ा गया?
उत्तर: कम जल भंडारण के कारण मेट्टूर बांध को जून में नहीं खोला जा सका था, जिसे बाद में जल स्तर 90 फीट होने पर सितंबर में खोला गया।