चंडीगढ़ के मोहित निझावन ने एक उच्च वेतन वाली कॉर्पोरेट नौकरी त्यागकर माइक्रोग्रीन्स की खेती को अपनाया। मात्र 30 हजार के निवेश से शुरू हुआ यह सफर अब सालाना 1.44 करोड़ के टर्नओवर में बदल चुका है।
- मोहित निझावन ने ₹90 लाख सालाना के पैकेज वाली नौकरी छोड़ी।
- मात्र ₹30,000 के शुरुआती निवेश से 'ग्रीनू' (Greenu) ब्रांड की स्थापना की।
- सालाना टर्नओवर ₹1.44 करोड़ और वार्षिक लाभ लगभग ₹60 लाख तक पहुँचा।
- बिजनेस मॉडल में उत्पादन के साथ-साथ ट्रेनिंग और फ्रेंचाइजी को भी जोड़ा गया है।
आज के दौर में जहाँ युवा केवल सुरक्षित कॉर्पोरेट नौकरियों के पीछे भागते हैं, वहीं चंडीगढ़ के मोहित निझावन ने एक साहसिक कदम उठाकर उद्यमिता की नई मिसाल पेश की है। मोहित ने लगभग ₹90 लाख के सालाना पैकेज वाली अपनी प्रतिष्ठित नौकरी को अलविदा कहा ताकि वे कृषि क्षेत्र में नवाचार कर सकें। उनका लक्ष्य केमिकल-फ्री पोषण को आम लोगों तक पहुँचाना था, जिसके लिए उन्होंने माइक्रोग्रीन्स (Microgreens) के उत्पादन को चुना।
माइक्रोग्रीन्स वास्तव में सब्जियों और हर्ब्स के शुरुआती छोटे पौधे होते हैं, जिन्हें बीज बोने के कुछ ही दिनों बाद काट लिया जाता है। ये आकार में छोटे होते हैं लेकिन पोषक तत्वों का पावरहाउस माने जाते हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों और प्रीमियम रेस्टोरेंट्स में इनकी भारी मांग है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
मोहित का यह सफर आसान नहीं था। दिसंबर 2020 में नौकरी छोड़ने के बाद उनके पहले बिजनेस प्रयास को विफलता का सामना करना पड़ा। पार्टनरशिप से जुड़े विवादों के कारण उन्हें अपना काम बंद करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मई 2022 में, उन्होंने चंडीगढ़ में मात्र 100 वर्ग फुट की एक किराए की जगह से दोबारा शुरुआत की। उनके पास पूंजी कम थी, इसलिए उन्होंने केवल ₹30,000 लगाकर रैक, ट्रे, ग्रो लाइट्स और बीजों के साथ एक छोटा इनडोर फार्म तैयार किया।
"कृषि अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है; शहरी इनडोर फार्मिंग और पोषक तत्वों पर केंद्रित खेती भविष्य के व्यापारिक अवसर हैं।"
बिजनेस का विस्तार और राजस्व
मोहित ने शुरुआत 21 ऑर्गेनिक माइक्रोग्रीन्स किस्मों से की, जो पूरी तरह से नॉन-GMO और पेस्टिसाइड-फ्री थीं। धीरे-धीरे उनकी मांग बढ़ी और उनका सेटअप 100 वर्ग फुट से बढ़कर 500 वर्ग फुट हो गया। वर्तमान में, उनके पास 60 रैक हैं जो प्रति माह लगभग 12,000 ट्रे उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं।
| विवरण | शुरुआती स्थिति (2022) | वर्तमान स्थिति (2026) |
|---|---|---|
| निवेश | ₹30,000 | विस्तारित सेटअप |
| क्षेत्रफल | 100 वर्ग फुट | 500 वर्ग फुट |
| टर्नओवर | न्यूनतम | ₹1.44 करोड़ (सालाना) |
| लाभ (अनुमानित) | शून्य/कम | ₹60 लाख (सालाना) |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मोहित की सफलता यह दर्शाती है कि 'हाई-वैल्यू लो-वॉल्यूम' कृषि मॉडल शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक लाभदायक हो सकते हैं। उन्होंने केवल उत्पाद नहीं बेचा, बल्कि एक ईकोसिस्टम बनाया जिसमें ट्रेनिंग, किट बिक्री और फ्रेंचाइजी मॉडल शामिल हैं। उन्होंने अब तक 300 से अधिक किसानों और उद्यमियों को प्रशिक्षित किया है, जिससे यह बिजनेस एक सामाजिक प्रभाव वाले उद्यम में बदल गया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: माइक्रोग्रीन्स क्या होते हैं?
उत्तर: ये सब्जियों और जड़ी-बूटियों के बहुत छोटे पौधे होते हैं जिन्हें बीज से निकलने के कुछ दिनों बाद ही काटा जाता है और सलाद या गार्निशिंग के रूप में उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 2: क्या यह बिजनेस कम जगह में शुरू किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, मोहित निझावन ने इसे मात्र 100 वर्ग फुट की जगह और ₹30,000 के निवेश से शुरू किया था।