भारत सरकार ने चित्तूर जिले के नगरी स्थित पावरलूम इकाइयों को नए टेक्सटाइल स्टैटिस्टिकल रिटर्न्स सिस्टम (TSRS) पोर्टल पर पंजीकरण करने का आग्रह किया है। यह कदम कपड़ा क्षेत्र के डेटा को डिजिटल बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सुलभ करने के लिए उठाया गया है।
- नगरी की पावरलूम इकाइयों के लिए 30 सितंबर तक TSRS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य।
- पंजीकरण के बाद मिलने वाला TUID सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक है।
- नगरी में लगभग 3,438 पावरलूम इकाइयां और 13,000 लूम संचालित हैं।
भारत सरकार के कपड़ा आयुक्त वृंदा मनोहर देसाई ने मंगलवार को चित्तूर जिले के नगरी में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान पावरलूम इकाइयों को नए और संशोधित टेक्सटाइल स्टैटिस्टिकल रिटर्न्स सिस्टम (TSRS) पोर्टल पर पंजीकरण करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीति निर्धारण और लाभों के उचित आवंटन के लिए सटीक और विश्वसनीय डेटा का होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में कपड़ा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित हथकरघा एवं वस्त्र विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नगरी क्षेत्र अपने सूती चुरीदार और शर्टिंग फैब्रिक के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ वर्तमान में 3,438 पावरलूम इकाइयां, 34 साइजिंग यूनिट और 50 डाइंग यूनिट कार्यरत हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह डिजिटलीकरण केवल डेटा संग्रह के बारे में नहीं है, बल्कि यह सूक्ष्म और लघु उद्योगों को मुख्यधारा की सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक रणनीतिक प्रयास है। जब तक डेटा डिजिटल नहीं होगा, तब तक क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर बजट आवंटन संभव नहीं है।
सटीक सांख्यिकीय डेटा ही वह आधार है जिस पर भविष्य की औद्योगिक नीतियां और सब्सिडी ढांचे तैयार किए जाते हैं।
राज्य आयुक्त (हथकरघा और वस्त्र) जी. रेखा रानी ने जानकारी दी कि आंध्र प्रदेश में 'पावरटेक्स इंडिया' के तहत 1,861 बुनकरों को इन-सीटू अपग्रेडेशन सहायता मिली है। साथ ही, 'समर्थ' योजना के माध्यम से 14,942 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें से 12,157 को रोजगार मिला है।
TSRS पोर्टल के माध्यम से अब कपास व्यापार, जिनिंग, प्रेसिंग, स्पिनिंग और संबद्ध इकाइयां अपने मासिक और वार्षिक सांख्यिकीय रिटर्न ऑनलाइन जमा कर सकेंगी। पंजीकरण के बाद प्रत्येक इकाई को एक स्थायी TUID प्रदान किया जाएगा, जिसके बिना मंत्रालय की योजनाओं का लाभ लेना असंभव होगा।
इस अवसर पर नगरी के पावरलूम उद्योग के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं। उन्होंने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पावरलूम क्षेत्र के लिए सब्सिडी और ऋण प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से संसाधित किया जाए ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: TSRS पोर्टल पर पंजीकरण क्यों जरूरी है?
उत्तर: यह पोर्टल डेटा संग्रह को सरल बनाता है और पंजीकरण के बाद मिलने वाला TUID सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य है।
प्रश्न 2: पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: नगरी की पावरलूम इकाइयों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 सितंबर है।