होम क्रेडिट इंडिया की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपभोक्ता अब केवल खरीदारी करने के बजाय बचत, निवेश और घर खरीदने जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जेन-जी (Gen Z) इस बदलाव में सबसे आगे नजर आ रहे हैं।

  • 31% भारतीय अगले पांच वर्षों में अपना घर खरीदना चाहते हैं, महिलाओं में यह आंकड़ा 40% है।
  • 46% उत्तरदाताओं ने 2026 में अपनी बचत में वृद्धि दर्ज की है।
  • जेन-जी (Gen Z) सबसे मजबूत बचतकर्ताओं के रूप में उभरे हैं (58%)।
  • 25% उपभोक्ता नया व्यवसाय शुरू करने या विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।

भारतीय मध्यम वर्ग की वित्तीय मानसिकता में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। जहां कुछ साल पहले तक मासिक वेतन का बड़ा हिस्सा गैजेट्स, लग्जरी कारों या छुट्टियों पर खर्च होता था, वहीं अब चर्चा इमरजेंसी फंड, निवेश और संपत्ति बनाने की ओर मुड़ गई है। होम क्रेडिट इंडिया की 'द ग्रेट इंडियन वॉलेट 2026' रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि भारतीय अब 'खर्च करने वाली अर्थव्यवस्था' से 'संपत्ति बनाने वाली अर्थव्यवस्था' की ओर बढ़ रहे हैं।

घर का सपना: सबसे बड़ी वित्तीय प्राथमिकता

रिपोर्ट के अनुसार, घर का मालिकाना हक अब भारतीयों की सबसे बड़ी वित्तीय आकांक्षा बन गया है। लगभग 31% उत्तरदाताओं ने अगले पांच वर्षों में घर खरीदने की इच्छा जताई है। विशेष रूप से महिलाओं के बीच यह आकांक्षा 40% तक है। घर खरीदना केवल एक निवेश नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है, जिसमें भारी डाउन पेमेंट और होम लोन की आवश्यकता होती है। यह दर्शाता है कि उपभोक्ता अब तात्कालिक संतुष्टि के बजाय भविष्य की सुरक्षा को महत्व दे रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव भारतीय बैंकिंग और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है। जब उपभोक्ता उपभोग (Consumption) से हटकर संपत्ति (Asset) की ओर बढ़ते हैं, तो यह अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक स्थिरता लाता है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि भारतीय अब वित्तीय साक्षरता के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) को समझ रहे हैं।

"भारतीयों का वॉलेट अब केवल खर्च का साधन नहीं, बल्कि भविष्य की वित्तीय स्वतंत्रता का एक टूल बन गया है।"

बचत और निवेश में जेन-जी का दबदबा

दिलचस्प बात यह है कि जेन-जी (Gen Z), जिन्हें अक्सर अत्यधिक खर्च करने वाला माना जाता है, बचत के मामले में सबसे आगे हैं। सर्वेक्षण में 58% जेन-जी उत्तरदाताओं ने बचत करने की बात कही, जबकि मिलेनियल्स के लिए यह आंकड़ा 53% और जेन-एक्स के लिए 44% रहा। हालांकि, वे अभी भी अनुभवों (जैसे यात्रा और बाहर खाना) पर खर्च कर रहे हैं, लेकिन अब वे इसे बचत के साथ संतुलित करना सीख रहे हैं।

श्रेणी (City Type) औसत मासिक आय (INR) अनिवार्य खर्च (INR)
मेट्रो शहर 38,000 22,000
टियर-1 शहर 33,000 20,000

उद्यमिता और वित्तीय आत्मविश्वास

संपत्ति निर्माण का यह सिलसिला केवल घरों तक सीमित नहीं है। लगभग 25% लोग अपना व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इसमें युवाओं का उत्साह सबसे अधिक है, जहां 31% जेन-जी उद्यमी बनना चाहते हैं। इसके साथ ही, होम क्रेडिट इंडिया का 'फाइनेंशियल वेल-बीइंग इंडेक्स' 34 से बढ़कर 40 अंक हो गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग अपने वित्तीय भविष्य को लेकर पहले से अधिक आश्वस्त हैं।

क्या आप जानते हैं?: भारतीय महिलाओं में घर खरीदने की इच्छा (40%), पुरुषों की तुलना में काफी अधिक है, जो वित्तीय आत्मनिर्भरता की एक नई लहर को दर्शाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'द ग्रेट इंडियन वॉलेट 2026' रिपोर्ट क्या है?
यह होम क्रेडिट इंडिया द्वारा 17 प्रमुख शहरों के 18-55 वर्ष के उधारकर्ताओं के बीच किया गया एक व्यापक सर्वेक्षण है जो भारतीयों की वित्तीय आदतों का विश्लेषण करता है।

प्रश्न 2: बचत के मामले में कौन सी पीढ़ी सबसे आगे है?
सर्वेक्षण के अनुसार, जेन-जी (Gen Z) 58% बचत दर के साथ सबसे आगे है।