फिलिप्स फाउंडेशन और बेयर फाउंडेशन जैसे वैश्विक दिग्गजों ने iKure में 1.8 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस फंडिंग का उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक-आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक स्तर पर पहुँचाना है।

  • iKure ने फिलिप्स फाउंडेशन, वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, बेयर फाउंडेशन और प्रौरग्न एलएलसी (जापान) से 1.8 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
  • फंडिंग का उपयोग AI-आधारित क्लिनिकल निर्णय समर्थन और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने में किया जाएगा।
  • कंपनी वर्तमान में 11 राज्यों के 7,900 गांवों में 3.6 करोड़ से अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बना चुकी है।

कोलकाता स्थित हेल्थ-टेक कंपनी iKure Techsoft Private Limited ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने चार वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित निवेशकों से 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर की प्री-सीरीज A फंडिंग सुरक्षित की है। इस निवेश दौर में फिलिप्स फाउंडेशन, वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, बेयर फाउंडेशन (वी शेयर फॉरवर्ड के माध्यम से) और जापान की प्रौरग्न एलएलसी ने हिस्सा लिया है।

यह निवेश केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि iKure के उस मॉडल पर वैश्विक विश्वास है जो केवल शुरुआती जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के पूर्ण स्वस्थ होने तक निरंतर देखभाल सुनिश्चित करता है। भारत में गैर-संचारी रोग (NCDs) जैसे मधुमेह और उच्च रक्तचाप मृत्यु के प्रमुख कारण बन चुके हैं, जहाँ केवल एक बार की जांच पर्याप्त नहीं होती, बल्कि निरंतर निगरानी की आवश्यकता होती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में स्क्रीनिंग सुविधाओं का विस्तार तो हुआ है, लेकिन 'फॉलो-अप' यानी निरंतर देखभाल की भारी कमी है। iKure का मॉडल इस अंतर को पाटता है। यह स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समुदाय का हिस्सा बनाता है, जिससे मरीजों को दीर्घकालिक भरोसा मिलता है। यह दृष्टिकोण स्वास्थ्य सेवा को एक 'इवेंट' के बजाय एक 'निरंतर प्रक्रिया' में बदल देता है।

"इस निवेश का हर हिस्सा यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मरीज अपनी पहली परामर्श के बाद भी देखभाल से जुड़े रहें, चाहे वह अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना हो या हमारी तकनीक को और सटीक बनाना हो।" - सुजॉय संतरा, संस्थापक और सीईओ, iKure

iKure का संचालन मॉडल अत्यंत व्यापक है। कंपनी अपने मालिकाना डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म WHIMS के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य हब, क्लीनिक, फार्मेसी और टेलीमेडिसिन सेवाओं को एकीकृत करती है। वर्तमान में 400 से अधिक प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (CHAs) इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसके अलावा, 10,000 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूह (SHGs) इस सेवा को घर-घर तक पहुँचाने में मदद कर रहे हैं।

फंडिंग के उपयोग की बात करें तो, iKure अब अपने WHIMS प्लेटफॉर्म में AI-आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम को जोड़ेगा। इससे फील्ड वर्कर मरीजों के जोखिम का पहले ही पता लगा सकेंगे और क्लिनिकल टीमें बड़ी आबादी का बेहतर प्रबंधन कर पाएंगी। साथ ही, रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ऐतिहासिक रूप से, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भौगोलिक बाधाओं के कारण सीमित रही है। iKure ने तटीय क्षेत्रों से लेकर लैंडलॉक्ड इलाकों तक अपनी उपयोगिता साबित की है, जो इसे एक स्केलेबल मॉडल बनाता है। भविष्य में कंपनी राज्य स्वास्थ्य प्रणालियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के साथ गहरे समन्वय की योजना बना रही है।

क्या आप जानते हैं?: iKure का 'Diabetes360' प्रोग्राम मधुमेह प्रबंधन के लिए उसी फील्ड नेटवर्क का उपयोग करता है जो मातृ स्वास्थ्य और हृदय निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिससे मरीज को एक ही जगह सारी सुविधाएं मिलती हैं।
विशेषतापारंपरिक स्वास्थ्य मॉडलiKure मॉडल
देखभाल का तरीकाएकल चेक-अप (Single Visit)निरंतर निगरानी (Longitudinal Care)
डेटा प्रबंधनकागजी या खंडित रिकॉर्डएकीकृत WHIMS डिजिटल प्लेटफॉर्म
पहुंचअस्पताल आधारितसामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता और SHGs

Frequently Asked Questions

1. iKure का WHIMS प्लेटफॉर्म क्या है?
WHIMS iKure का एक मालिकाना डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म है जो मरीजों के रिकॉर्ड को एकीकृत करता है और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करता है।

2. इस फंडिंग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार करना, AI तकनीक को लागू करना और अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करना है।