भारत में एआई और टेलीकॉम नेटवर्क की बढ़ती मांग को देखते हुए 'इंडियन फोटोनिक्स एसोसिएशन' (IPA) का गठन किया गया है। अनुमान है कि 2031 तक यह उद्योग अरबों डॉलर का बाजार बन जाएगा।
- भारत में फोटोनिक्स क्षेत्र के लिए इंडियन फोटोनिक्स एसोसिएशन (IPA) का गठन किया गया है।
- 2031 तक भारतीय फोटोनिक्स बाजार के $6.8 बिलियन से $7.93 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
- यह तकनीक AI डेटा सेंटर्स, 5G नेटवर्क और सैटेलाइट संचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- चीन से कड़ी प्रतिस्पर्धा और बुनियादी ढांचे की कमी मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं।
भारत के तकनीकी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। एआई (AI) और डेटा प्रोसेसिंग की बढ़ती मांग के बीच, देश के अग्रणी फोटोनिक्स फर्मों ने मिलकर इंडियन फोटोनिक्स एसोसिएशन (IPA) का गठन किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार अपने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के दूसरे चरण के माध्यम से ट्रांसीवर्स जैसे फोटोनिक्स उत्पादों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना चाहती है।
फोटोनिक्स, जो प्रकाश के कणों (फोटोन) के नियंत्रण और हेरफेर का विज्ञान है, वर्तमान में एआई डेटा सेंटर्स की रीढ़ बन गया है। इन सेंटर्स को भारी मात्रा में हाई-स्पीड इंटरकनेक्शन की आवश्यकता होती है, जहाँ पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की तुलना में ऑप्टिकल फाइबर और फोटोनिक इंटरफेस कहीं अधिक तेज़ और कुशल होते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि भारत वर्तमान में हार्डवेयर के मामले में आयात पर अत्यधिक निर्भर है। यदि भारत अपनी फोटोनिक्स क्षमता विकसित नहीं करता है, तो वह एआई क्रांति के बुनियादी ढांचे के लिए चीन और अमेरिका पर निर्भर रहेगा। IPA का गठन इस निर्भरता को कम करने और एक स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला (Local Supply Chain) बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
IPA के उद्घाटन महानिदेशक अश्विनी अग्रवाल ने रेखांकित किया कि भारत के पास पहले से ही 'भारतनेट' जैसा दुनिया का सबसे बड़ा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और ISRO जैसी संस्थाएं हैं जो सैटेलाइट्स के बीच ऑप्टिकल पेलोड का उपयोग कर रही हैं। ऐसे में एक सामुदायिक निकाय की कमी थी जो उद्योग की आवाज़ को सरकार तक पहुँचा सके।
"यदि आप एक AI स्टैक बना रहे हैं, तो वह केवल सर्वर और डेटा सेंटर नहीं है; असली चुनौती उस स्तर के कंप्यूट के लिए आवश्यक थ्रूपुट प्राप्त करना है, और यहीं फोटोनिक्स की भूमिका आती है।"
हालांकि, राह आसान नहीं है। उद्योग जगत के दिग्गजों, जैसे क्लाउडफोटोनिक्स के संस्थापक तरुण सिबल, ने बताया कि भारतीय उद्यमियों को बिजली की अस्थिरता और नौकरशाही की बाधाओं जैसी बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जबकि चीन और वियतनाम जैसे देशों में 'प्लग एंड प्ले' मॉडल उपलब्ध है। इसके अलावा, बैंकिंग क्षेत्र में फोटोनिक्स जैसी सूक्ष्म तकनीकों की समझ की कमी के कारण वित्त पोषण (Funding) प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
वर्तमान में, भारत में उन्नत डिटेक्टरों, लेजर स्रोतों और ऑप्टिकल इंजनों की वैल्यू चेन काफी कमजोर है, जिससे कई महत्वपूर्ण घटकों का आयात करना पड़ता है। IPA का लक्ष्य इन कमियों को दूर करना और भारत को एक ग्लोबल फोटोनिक्स हब बनाना है।
Frequently Asked Questions
1. फोटोनिक्स क्या है और यह AI के लिए क्यों जरूरी है?
फोटोनिक्स प्रकाश के कणों का विज्ञान है। AI डेटा सेंटर्स में भारी मात्रा में डेटा को तेजी से ट्रांसफर करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर और ट्रांसीवर्स की जरूरत होती है, जो फोटोनिक्स द्वारा संचालित होते हैं।
2. IPA का मुख्य उद्देश्य क्या है?
IPA का उद्देश्य भारत में फोटोनिक्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाना, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देना और सरकार के साथ मिलकर नीतिगत सुधार लाना है।