जियो पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (JPSL) ने RBI से अनुमति मिलने के बाद एक क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम लॉन्च किया है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्राप्त करना सरल हो जाएगा।

  • जियो पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (JPSL) अब निर्यात और आयात के लिए क्रॉस-बॉर्डर भुगतान सेवाएं प्रदान करेगा।
  • इस प्लेटफॉर्म को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से 'पेमेंट एग्रीगेटर फॉर क्रॉस-बॉर्डर' (PA-CB) के रूप में मंजूरी मिली है।
  • निर्यातकर्ता अब वर्चुअल अकाउंट, अंतरराष्ट्रीय कार्ड और स्थानीय पेमेंट रेल्स के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर सकते हैं।

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जियो पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (JPSL) ने वैश्विक बाजार में भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए अपने क्रॉस-बॉर्डर भुगतान प्लेटफॉर्म की घोषणा की है। 9 सितंबर, 2026 को लॉन्च किया गया यह प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से भुगतान प्राप्त करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना देगा।

इस लॉन्च के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से प्राप्त प्राधिकरण है। JPSL को 'पेमेंट एग्रीगेटर फॉर क्रॉस-बॉर्डर' (PA-CB) के रूप में काम करने की अनुमति मिली है, जो आयात और निर्यात दोनों श्रेणियों के तहत चालू खाता लेनदेन (current account transactions) को कवर करता है।

वर्तमान में, भारत के कई डिजिटल व्यवसाय, फ्रीलांसर, SaaS कंपनियां और ऑनलाइन विक्रेता वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहे हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्राप्त करना अभी भी एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें अक्सर कई बैंक पार्टनर्स, अलग-अलग मुद्राएं, भारी कागजी कार्रवाई और मैन्युअल मिलान (reconciliation) की आवश्यकता होती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, मल्टी-करेंसी वर्चुअल अकाउंट्स का उपयोग करके जियो पारंपरिक बैंकिंग की बाधाओं को खत्म कर रहा है। यह कदम विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए गेम-चेंजर साबित होगा, क्योंकि अब उन्हें SWIFT या कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग की जटिलताओं से नहीं जूझना पड़ेगा। जब विदेशी ग्राहकों को उनके अपने स्थानीय भुगतान विकल्प मिलते हैं, तो व्यापार बढ़ने की संभावना अधिक होती है।

PA-CB फ्रेमवर्क की ओर यह बदलाव भारत की फिनटेक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो घरेलू डिजिटलीकरण से वैश्विक वित्तीय एकीकरण की ओर ले जाता है।

JPSL पहले से ही ऑनलाइन और फिजिकल पॉइंट-ऑफ-सेल (PoS) लेनदेन के लिए एक पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम कर रहा है। इस नई सेवा के साथ, कंपनी अब छोटे, मध्यम और बड़े उद्यमों के लिए एक व्यापक भुगतान सुइट प्रदान करती है, जिसमें डिजिटल कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स दोनों शामिल हैं।

यह प्लेटफॉर्म न केवल भुगतान को आसान बनाता है बल्कि अनुपालन (compliance) को भी सरल बनाता है, जिससे निर्यातकों को नियामक बाधाओं और भुगतान विफलताओं का सामना नहीं करना पड़ता।

क्या आप जानते हैं?: SWIFT नेटवर्क, जिसे JPSL का नया सिस्टम सरल बनाता है, 1973 में स्थापित किया गया था और इसका उपयोग दुनिया भर के 11,000 से अधिक वित्तीय संस्थान करते हैं।
विशेषता पारंपरिक क्रॉस-बॉर्डर भुगतान जियो पेमेंट सॉल्यूशंस (JPSL)
इन्फ्रास्ट्रक्चर SWIFT / कॉरेस्पोंडेंट बैंक वर्चुअल अकाउंट / लोकल रेल्स
प्रोसेसिंग समय कई कार्य दिवस लग सकते हैं काफी तेज और त्वरित
कागजी कार्रवाई व्यापक और मैन्युअल सरल और डिजिटल
उपयोगकर्ता अनुभव वैश्विक खरीदारों के लिए जटिल स्थानीय भुगतान विकल्पों की सुविधा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: JPSL के क्रॉस-बॉर्डर भुगतान प्लेटफॉर्म से किसे लाभ होगा?
कोई भी भारतीय व्यावसायिक इकाई, जिसमें फ्रीलांसर, SaaS कंपनियां, डिजिटल निर्माता और पारंपरिक निर्यातक शामिल हैं, अंतरराष्ट्रीय भुगतान स्वीकार करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या यह सेवा विनियमित (Regulated) है?
हाँ, जियो पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक प्राधिकरण के तहत संचालित होता है।