अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा बाजारों में मिला-जुला रुख देखा जा रहा है। निवेशक अब थोक महंगाई (PPI) के आंकड़ों और ओरेकल (Oracle) के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।

  • डाउ जोन्स और S&P 500 वायदा में मामूली बढ़त, जबकि नैस्डैक-100 में गिरावट दर्ज की गई।
  • कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से ट्रेजरी यील्ड तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची।
  • बाजार की नजर अब प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और ओरेकल के AI निवेश संबंधी नतीजों पर है।

गुरुवार सुबह अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा संकेत (Futures) अलग-अलग दिशाओं में नजर आए। जहां डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और S&P 500 के वायदा में क्रमशः 0.3% और 0.2% की बढ़त देखी गई, वहीं नैस्डैक-100 के अनुबंध 0.1% नीचे फिसल गए। यह उतार-चढ़ाव उस समय आया है जब बाजार पिछले तीन दिनों की लगातार गिरावट को रोकने की कोशिश कर रहा है।

बाजार में इस अस्थिरता का मुख्य कारण ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल है। कच्चे तेल की कीमतों ने 100 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर लिया है, जिससे निवेशकों में महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसका सीधा असर बॉन्ड मार्केट पर पड़ा है, जिससे 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। ट्रेजरी विभाग द्वारा 6 अरब डॉलर के दीर्घकालिक ऋण खरीदने की योजना के बावजूद बाजार में स्थिरता नहीं दिखी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान एक 'एनर्जी शॉक' की स्थिति पैदा कर रहे हैं। यदि तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में फिर से वृद्धि करने पर मजबूर हो सकता है, जो तकनीकी शेयरों के लिए बेहद हानिकारक होगा।

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू राजनैतिक वादों का संगम अमेरिकी इक्विटी बाजार के लिए एक अभूतपूर्व अस्थिरता का दौर पैदा कर रहा है।

आर्थिक आंकड़ों के अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप के एक विवादास्पद वादे ने भी चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी जीतती है, तो वे हर अमेरिकी वयस्क को 5,000 डॉलर का चेक भेजेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना की लागत 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होगी, जिससे सरकारी घाटा बढ़ सकता है।

अब सभी की नजरें प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) पर हैं, जिसके साल-दर-साल 0.3% बढ़ने की उम्मीद है। यह डेटा यह संकेत देगा कि कंपनियों के लिए उत्पादन लागत कितनी बढ़ी है, जिसका असर शुक्रवार को आने वाले उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों (CPI) पर पड़ेगा। साथ ही, ओरेकल (Oracle) के नतीजे यह स्पष्ट करेंगे कि AI क्षेत्र में पूंजीगत व्यय और मांग वास्तव में कितनी है।

परिसंपत्ति/इंडेक्स वर्तमान स्थिति मुख्य कारण
डाउ वायदा +0.3% तेल रैली में ठहराव
नैस्डैक वायदा -0.1% बढ़ती बॉन्ड यील्ड
ब्रेंट क्रूड >$100/बैरल अमेरिका-ईरान तनाव
सोना ~$4,400/औंस फेड दर अटकलें
क्या आप जानते हैं?: सोने को 'सुरक्षित निवेश' माना जाता है, लेकिन जब सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ती है, तो सोने की कीमतें गिर सकती हैं क्योंकि सोना बॉन्ड की तरह ब्याज नहीं देता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. तेल की बढ़ती कीमतें शेयर बाजार के लिए बुरी क्यों हैं?
तेल महंगा होने से कंपनियों की उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई बढ़ती है। इसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं, जिससे कंपनियों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है।

2. PPI रिपोर्ट का क्या महत्व है?
PPI (प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स) उत्पादकों द्वारा भुगतान की जाने वाली कीमतों को मापता है। चूंकि कंपनियां अपनी लागत का बोझ ग्राहकों पर डालती हैं, इसलिए PPI अक्सर यह बताता है कि आने वाले समय में उपभोक्ता महंगाई (CPI) कितनी होगी।