भारत ने ऑस्ट्रेलिया और चिली के साथ लिथियम ब्लॉकों की खरीद के लिए कूटनीतिक बातचीत शुरू की है और अर्जेंटीना में अतिरिक्त पाँच ब्लॉकों की तलाश कर रहा है। सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी और ई‑वेस्ट रीसाइक्लिंग को भी प्रमुख स्रोत मान रही है।

  • भारत ऑस्ट्रेलिया और चिली के साथ लिथियम ब्लॉकों की खरीद पर चर्चा कर रहा है।
  • अर्जेंटीना में पाँच अतिरिक्त लिथियम ब्लॉकों की तलाश जारी है।
  • निजी कंपनियों को विदेश में अन्वेषण और खनन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

गुज़रते दिनों, खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि भारत के पास लिथियम के सीमित भंडार हैं, इसलिए विदेशों से स्रोत सुरक्षित करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा, “हमने अर्जेंटीना में पाँच ब्लॉकों को सुरक्षित किया है और अब पाँच और ब्लॉकों की तलाश में हैं।”

ऑस्ट्रेलिया और चिली के साथ चल रही बातचीत दोनों सरकार‑से‑सरकार स्तर पर और निजी कंपनियों के साथ भी हो रही है। यह कदम भारत को वैश्विक लिथियम आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने की दिशा में है।

Historical Background

पिछले दशक में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऊर्जा भंडारण की बढ़ती मांग ने लिथियम को एक रणनीतिक खनिज बना दिया है। भारत के पास वर्तमान में लगभग 0.5 लाख टन लिथियम अनुमानित है, जबकि अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और चिली में क्रमशः 1.5 मिलियन, 2.1 मिलियन और 9.5 मिलियन टन भंडार हैं। इस अंतर को पाटने के लिए भारत ने विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर अधिक भरोसा किया है।

देशलिथियम भंडार (टन)
भारत≈ 5,000
अर्जेंटीना≈ 1,500,000
ऑस्ट्रेलिया≈ 2,100,000
चिली≈ 9,500,000

सरकार ने निजी क्षेत्र को विदेशों में अन्वेषण और खनन करने के लिए प्रोत्साहन पैकेज भी तैयार किया है, जिससे निकाले गए लिथियम को भारत में आपूर्ति किया जा सके। इस पहल से न केवल आयात पर निर्भरता घटेगी, बल्कि घरेलू उद्योगों को भी नई तकनीकी क्षमताएँ मिलेंगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that securing overseas lithium assets will directly support India's ambitious EV rollout targets, reduce trade deficits in critical minerals, and position Indian manufacturers as global players in the green technology supply chain.

“India’s proactive diplomacy in the lithium arena is a game‑changer for its renewable energy ambitions,” says Dr. Ananya Singh, senior analyst at the Centre for Mineral Policy.
Did You Know?: भारत में ई‑वेस्ट रीसाइक्लिंग से वार्षिक लगभग 96,000 टन महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति की संभावना है, जो कुल मांग का 25‑30% तक पूरा कर सकती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत किन देशों से लिथियम आयात करने की योजना बना रहा है?
उत्तर: वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, चिली और अर्जेंटीना के साथ समझौते पर चर्चा चल रही है।

प्रश्न 2: निजी कंपनियों को इस प्रक्रिया में कैसे भाग लेने का अवसर मिलेगा?
उत्तर: सरकार ने विदेशी अन्वेषण और खनन परियोजनाओं में निवेश करने वाले भारतीय कंपनियों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता प्रदान करने का वादा किया है।