भारतीय रिज़र्व बैंक ने सावरिन गोल्ड बांड (SGB) श्रृंखला X की अंतिम पुनर्भुगतान कीमत ₹12,416 प्रति ग्राम घोषित की, जो 2019‑2020 की शुरुआती कीमत ₹4,260 से तीन गुना से अधिक है। यह बढ़ोतरी निवेशकों को अत्यधिक रिटर्न और कर‑मुक्त लाभ देती है।
- RBI ने SGB X की अंतिम पुनर्भुगतान कीमत ₹12,416/ग्राम तय की
- 8 साल में मूलधन 300% से अधिक बढ़ा
- पूरी अवधि में वार्षिक 2.5% ब्याज और कर‑मुक्त लाभ
RBI की आधिकारिक घोषणा
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2019‑20 की सावरिन गोल्ड बांड (SGB) श्रृंखला X की अंतिम पुनर्भुगतान कीमत आधिकारिक तौर पर प्रकाशित की। यह बांड 8 साल की अवधि पूरी करके 11 सितंबर 2026 को परिपक्व होगी।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
बॉन्ड की परिपक्वता से पहले तीन ट्रेडिंग दिनों (8‑10 सितंबर 2026) के औसत सोने की कीमत को आधार बनाकर RBI ने ₹12,416 प्रति ग्राम की पुनर्भुगतान दर तय की। 2019‑20 में जारी होने के समय यह कीमत लगभग ₹4,260 प्रति ग्राम थी, जिससे निवेशकों का मूलधन तीन गुना से अधिक बढ़ा है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
सावरिन गोल्ड बांड 2015 में लॉन्च हुए, जिसका उद्देश्य छोटे‑मध्यम निवेशकों को डिजिटल स्वरूप में सोने में निवेश करने का सुरक्षित मंच प्रदान करना था। पहले दो रिलीज़ में निवेशकों को भौतिक सोने की सुरक्षा, वार्षिक 2.5% ब्याज और पूँजी लाभ पर पूर्ण कर‑छूट मिली।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस पुनर्भुगतान दर ने भारत के रिटेल निवेशकों के बीच सोने‑आधारित सुरक्षित निवेश के प्रति भरोसा फिर से बढ़ा दिया है, जबकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच वैकल्पिक संपत्तियों की मांग में तेज़ी देखी जा रही है।
"सावरिन गोल्ड बांड ने निवेशकों को न केवल सोने की कीमत में बढ़ोतरी का लाभ दिया, बल्कि स्थिर आय और कर‑मुक्त पूँजी लाभ भी प्रदान किया है," कहते हैं वित्तीय विश्लेषक अनीता शर्मा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या पुनर्भुगतान के बाद मैं अतिरिक्त लाभ के लिए बांड को पुनः निवेश कर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, पुनर्भुगतान के बाद आप प्राप्त राशि को नए SGB या अन्य वित्तीय उपकरणों में पुनः निवेश कर सकते हैं।
प्रश्न 2: क्या इस बांड पर कोई कर लागू होता है?
उत्तर: नहीं, 8 साल की पूरी अवधि के दौरान और परिपक्वता पर प्राप्त पूँजी लाभ पर पूर्ण कर‑मुक्ति है।