राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गोवा गैर-निगमित प्रतिष्ठानों के मामले में देश में शीर्ष पर है। यह रिपोर्ट पहली बार जिला स्तर पर भारत के असंगठित व्यावसायिक परिदृश्य का विस्तृत विश्लेषण पेश करती है।

  • उत्तरी गोवा 77.66% के योगदान के साथ देश का नंबर 1 जिला बना।
  • शीर्ष 50 जिले देश के कुल गैर-निगमित प्रतिष्ठानों और कार्यबल के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • असंगठित क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी एक-तिहाई है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट 'Unincorporated Sector at the District Level: Insights from ASUSE 2025' जारी की है। इस रिपोर्ट में उन शीर्ष 10 जिलों की पहचान की गई है जहाँ गैर-निगमित (unincorporated) प्रतिष्ठानों की संख्या सबसे अधिक है। यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने देशव्यापी उद्यम सर्वेक्षण के माध्यम से जिला-स्तरीय आर्थिक अनुमान साझा किए हैं।

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, उत्तरी गोवा ने अपने राज्य के भीतर 77.66% के योगदान के साथ पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद पुडुचेरी, दादरा और नगर हवेली, और दक्षिण अंडमान का स्थान है। यह रुझान दर्शाता है कि छोटे पैमाने के व्यवसाय और असंगठित क्षेत्र भारत की स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को चलाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्रमुख जिलों का प्रदर्शन

रिपोर्ट में केवल तटीय या छोटे राज्य ही नहीं, बल्कि तेलंगाना का रंगारेड्डी और उत्तराखंड का ऊधम सिंह नगर भी टॉप 10 की सूची में शामिल हैं। यह संकेत देता है कि औद्योगिक और कृषि प्रधान क्षेत्रों में भी गैर-निगमित इकाइयों का विस्तार हो रहा है। लेह, पश्चिम त्रिपुरा और आइजोल जैसे दूरदराज के क्षेत्रों का इस सूची में होना क्षेत्रीय आर्थिक विविधता को दर्शाता है।

रैंक जिला राज्य/UT प्रतिशत योगदान
1 उत्तरी गोवा गोवा 77.66%
2 पुडुचेरी पुडुचेरी 76.64%
3 दादरा और नगर हवेली दादरा और नगर हवेली 65.48%
9 रंगारेड्डी तेलंगाना 23.53%
10 ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड 23.03%

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गैर-निगमित क्षेत्र का यह डेटा नीति निर्माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक सरकार को यह पता नहीं होगा कि असंगठित क्षेत्र में कार्यबल और GVA (सकल मूल्य वर्धित) का वितरण कैसे है, तब तक लक्षित वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रभावी नहीं हो सकतीं। विशेष रूप से महिलाओं की एक-तिहाई भागीदारी यह दर्शाती है कि सूक्ष्म उद्यम महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा केंद्र हैं।

"जिला स्तर पर डेटा का यह विखंडन भारत की वास्तविक आर्थिक धड़कन को समझने और जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए क्रांतिकारी है।"

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि लक्षद्वीप और चंडीगढ़ जैसे एक-जिला वाले क्षेत्रों को इस विशेष रैंकिंग से बाहर रखा गया। साथ ही, दिल्ली के लिए जिला-स्तरीय अनुमान उत्पन्न नहीं किए जा सके, जिससे शहरी केंद्रों के विश्लेषण में एक महत्वपूर्ण कमी रह गई है।

क्या आप जानते हैं?: भारत के शीर्ष 50 जिले अकेले ही इस क्षेत्र के कुल कार्यबल और सकल मूल्य वर्धित (GVA) का लगभग 33% हिस्सा कवर करते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: गैर-निगमित प्रतिष्ठान (Unincorporated Establishments) क्या होते हैं?
ये वे व्यावसायिक इकाइयां हैं जो कानूनी रूप से किसी कंपनी या कॉर्पोरेशन के रूप में पंजीकृत नहीं होती हैं, जैसे कि छोटे दुकान, घरेलू उद्योग और फ्रीलांसर।

प्रश्न 2: इस रिपोर्ट में दिल्ली को क्यों शामिल नहीं किया गया?
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नमूना चयन की विशिष्ट पद्धति के कारण दिल्ली के लिए अलग से जिला-स्तरीय अनुमान नहीं निकाले जा सके।