उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, 2024‑25 में 48,03,084 बंधुआ किसान दर्ज हुए। राज्य ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और आधुनिक प्रशासनिक उपायों से गन्ना उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हासिल की है।
- उत्तर प्रदेश अब भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य बन गया है।
- बॉन्डेड किसानों की संख्या 2024‑25 में 48,03,084 तक पहुंची।
- डिजिटल पोर्टल और ई‑गन्ना ऐप ने भुगतान एवं सर्वेक्षण को तेज़ किया।
Historical Background
दस साल पहले उत्तर प्रदेश की गन्ना अर्थव्यवस्था को भुगतान में देरी, कागजी कार्यवाही और तकनीकी अभाव जैसी चुनौतियों ने घेर रखा था। कई जिलों में उत्पादन स्थिर हो गया था और किसानों को उचित मूल्य मिलना कठिन था।
गन्ना उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि
2015‑16 में 1364 लाख टन से बढ़कर 2025‑26 में 2362 लाख टन गन्ना उत्पादन हुआ, जिससे उत्तर प्रदेश अब राष्ट्रीय स्तर पर लगभग आधे गन्ना का उत्पादन करता है। इस वृद्धि के साथ ही 2024‑25 में बंधुआ किसानों की संख्या 48,03,084 तक पहुंची।
डिजिटल सुधार
गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया, "डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म जैसे स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल, ई‑गन्ना मोबाइल एप्लिकेशन और एसएमएस‑आधारित स्लिप ने किसानों को रियल‑टाइम जानकारी प्रदान की, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार हुआ।"
"डिजिटल सुधारों ने गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को अधिक पारदर्शी और कुशल बना दिया है।" - मिनिस्थी एस., गन्ना आयुक्त
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that इस डिजिटल परिवर्तन से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य की एथेनॉल उत्पादन क्षमता और कृषि‑आधारित उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी।
Frequently Asked Questions
- उत्तर प्रदेश में वर्तमान गन्ना उत्पादन कितना है?
- राज्य में बंधुआ गन्ना किसानों की कुल संख्या क्या है?