वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि 2,000 रुपये तक के यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन पर अब कोई बैंक या सिस्टम प्रदाता शुल्क नहीं लेगा। यह कदम डिजिटल भुगतान को सस्ता और सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

  • UPI लेनदेन पर 2,000 रुपये तक कोई शुल्क नहीं
  • RuPay डेबिट कार्ड को समान उपचार
  • बैंक और सिस्टम प्रदाता सीधे या परोक्ष रूप से शुल्क नहीं ले सकते

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को प्रकाशित गजट नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया कि रुपे डेबिट कार्ड और 2,000 रुपये तक के UPI लेनदेन पर कोई भी बैंक या भुगतान प्रणाली प्रदाता शुल्क नहीं लेगा। यह बदलाव पेमेंट एंड सेटेलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में संशोधन के तहत किया गया है।

यह घोषणा तब आई है जब संसद में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 के माध्यम से यूपीआई पर संभावित शुल्क लगाने की चर्चा चल रही थी। बिल का उद्देश्य भुगतान प्रणाली में नई आय उत्पन्न करना था, लेकिन वित्त मंत्रालय ने इसे रोकते हुए उपभोक्ता हित में कदम उठाया।

उपभोक्ताओं को यह आश्वासन दिया गया है कि व्यक्ति‑से‑व्यक्ति (P2P) लेनदेन हमेशा मुफ्त रहेगा। यदि भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जाता है, तो वह केवल एक सीमित थ्रेशोल्ड से ऊपर और कुछ विशेष व्यापारी वर्गों पर ही लागू होगा, जो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के MDR से काफी कम होगा।

पिछले वर्षों में यूपीआई ने भारत को डिजिटल भुगतान का वैश्विक नेता बना दिया है। 2023 में दैनिक लेनदेन 10 करोड़ से अधिक हो गए थे, और इस प्रणाली ने वित्तीय समावेशन को तेज किया है। इस नई नीति से डिजिटल भुगतान का उपयोग और बढ़ेगा, क्योंकि उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त लागत का बोझ नहीं रहेगा।

ऐतिहासिक रूप से, भारत ने 2016 में यूपीआई लॉन्च करके नकद रहित अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। तब से लेकर अब तक, कई बार शुल्क संरचना पर बहस हुई है, लेकिन इस बार सरकार ने स्पष्ट रूप से उपभोक्ता संरक्षण को प्राथमिकता दी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that eliminating fees on low‑value UPI transactions will likely boost transaction volumes by 15‑20% in the next fiscal year, reinforcing India’s lead in global digital payments.

UPI को मुफ्त रखने से डिजिटल भुगतान का विस्तार तेज होगा।
Did You Know?: भारत में यूपीआई 2023 में 10 करोड़ से अधिक दैनिक लेनदेन तक पहुँच गया है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या यह नीति सभी बैंकों पर लागू होगी?
हां, सभी नियामक बैंकों और भुगतान प्रणाली प्रदाताओं को इस नियम का पालन करना होगा।

Q2: भविष्य में UPI पर कोई शुल्क कब लागू हो सकता है?
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि केवल MDR लागू होने पर ही सीमित थ्रेशोल्ड से ऊपर शुल्क लगाया जा सकता है, और वह भी बहुत कम दर पर।