सऊदी अरब की प्रमुख ईस्ट‑वेस्ट तेल पाइपलाइन पर हवाई हमले से गंभीर क्षति हुई, जिससे यह कई हफ्तों तक बंद रह जाएगी। इस बंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति में 4 % तक की कमी और कीमतों में उछाल की आशंका है।
- ईस्ट‑वेस्ट पाइपलाइन पर हवाई हमला, प्रमुख क्षति
- मरम्मत में कई हफ्तों का अनुमानित समय
- वैश्विक तेल बाजार में 4 % आपूर्ति घटने का जोखिम
सऊदी अरब के प्रमुख ईस्ट‑वेस्ट तेल पाइपलाइन, जो हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बायपास करती है, पर हौथी समर्थित ड्रोन के हमले ने गंभीर क्षति पहुंचाई। सऊदी ने बताया कि पाइपलाइन का लगभग 70 % हिस्सा अब तक बंद रहेगा और मरम्मत कार्य कई हफ्तों तक चलेंगे।
यह पाइपलाइन, जिसकी लंबाई लगभग 1,200 किलोमीटर है, सऊदी के प्रमुख तेल क्षेत्रों को पूर्वी तट के बंदरगाहों से जोड़ती है, जिससे हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में संभावित जाम से बचा जा सके। इस मार्ग को बंद करने से विश्व की दैनिक तेल आपूर्ति में लगभग 4 % की कमी हो सकती है।
सऊदी एंटरप्राइज़ ने तुरंत उत्पादन को अन्य रूटों पर पुनर्निर्देशित किया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी क्षमता पर वापस लौटने में कम से कम दो से तीन हफ्ते लग सकते हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें $85‑$90 प्रति बैरल के स्तर पर बढ़ी हैं।
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए, इस हमले को अक्सर यमन के हौथी समूह और इरान के बीच के प्रतिद्वंद्विता से जोड़ा जाता है। पिछले कुछ महीनों में सऊदी तेल बुनियादी ढांचे पर कई छोटे‑बड़े हमले हुए हैं, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ईस्ट‑वेस्ट पाइपलाइन को 1990 के दशक में निर्मित किया गया था, ताकि तेल को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के संभावित बंद होने की स्थिति में भी निरंतर निर्यात किया जा सके। तब से यह सऊदी की निर्यात क्षमता का 30 % से अधिक हिस्सा संभालती आई है।
पिछले दो दशकों में इस पाइपलाइन को कई छोटे‑मोटे रखरखाव और अपग्रेड से गुज़रना पड़ा, लेकिन इस तरह की व्यापक क्षति पहली बार देखी जा रही है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that prolonged shutdown of the East‑West line could reshape global oil trade routes, push up freight costs, and accelerate strategic stockpiling by major consuming nations.
"If the pipeline remains offline beyond the projected timeline, we could see a structural shift in oil pricing dynamics," says energy analyst Dr. Aisha Al‑Fahad.
Frequently Asked Questions
Q1: When is the pipeline expected to be fully operational again?
A: Saudi officials estimate a minimum of three weeks for critical repairs, but full capacity may take up to two months.
Q2: How will this affect gasoline prices in Asia?
A: Asian markets, heavily reliant on Saudi crude, are likely to see price spikes of 5‑10 % as supply tightens.