वायनाड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और डेयरी किसानों के बीच सीधा संवाद हुआ, जिसमें पशु उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन और पोषण पर जोर दिया गया।

  • ICAR-NIANP और LMTC द्वारा वायनाड के थारियोड में कार्यक्रम का आयोजन।
  • पशु उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन और संतुलित पोषण पर ध्यान।
  • 73 डेयरी किसानों को पशु आहार, रबर मैट और खनिज मिश्रण का वितरण।

केरल के वायनाड जिले में कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ICAR-राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान (NIANP), बेंगलुरु ने लाइवस्टॉक मैनेजमेंट ट्रेनिंग सेंटर (LMTC), सुल्तान बथेरी के सहयोग से एक 'किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम' आयोजित किया। यह कार्यक्रम थारियोड स्थित APCOS में मंगलवार को संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन केरल पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (KVASU) के रजिस्ट्रार, साबिन जॉर्ज द्वारा किया गया। इस अवसर पर NIANP, बेंगलुरु के निदेशक, अर्तबंधु साहू ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना अब अनिवार्य हो गया है। उन्होंने वैज्ञानिक पशु प्रबंधन, संतुलित पोषण और बेहतर प्रजनन प्रबंधन के महत्व पर विशेष बल दिया।

पशुपालन में आधुनिक तकनीकों का महत्व

वैज्ञानिकों ने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन उत्पादकता में सुधार के लिए सीधे वैज्ञानिक हस्तक्षेप और तकनीकी प्रशिक्षण की भारी कमी है, जिसे यह कार्यक्रम पूरा करने का प्रयास करता है।

पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन, संतुलित पोषण और बेहतर प्रजनन प्रबंधन को अपनाना अनिवार्य है।

इस संवाद कार्यक्रम में कुल 73 डेयरी और पशुपालक किसानों ने भाग लिया। उन्हें वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग, अनुकूल पोषण प्रबंधन, प्रजनन स्वास्थ्य और टिकाऊ पशु उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी शंकाओं का समाधान किया।

सहायता और वितरण

पशुधन सहायता पहल के हिस्से के रूप में, कार्यक्रम के दौरान किसानों को ICAR-NIANP द्वारा निर्मित पशु आहार, रबर मैट, फीड चार्ट और खनिज मिश्रण (mineral mixture) वितरित किए गए। इस अवसर पर LMTC के सहायक निदेशक वी. जयेश, APCOS थारियोड के अध्यक्ष एम.टी. जॉन और जिला पशुपालन अधिकारी आर. अजी भी उपस्थित रहे।

Did You Know?: संतुलित खनिज मिश्रण पशुओं की प्रजनन क्षमता और दूध उत्पादन की गुणवत्ता को 20-30% तक बढ़ा सकता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पशु प्रबंधन और बेहतर पोषण तकनीकों के बारे में शिक्षित करना था।

प्रश्न 2: किसानों को क्या सहायता प्रदान की गई?
उत्तर: किसानों को पशु आहार, रबर मैट और खनिज मिश्रण जैसी आवश्यक सामग्री वितरित की गई।