अगस्त 2026 में भारत के रत्न और आभूषण निर्यात में मजबूती देखी गई, जिसमें स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात में 51.22% की भारी वृद्धि हुई। कुल निर्यात $2.30 बिलियन तक पहुंच गया है।
- कुल रत्न और आभूषण निर्यात $2.30 बिलियन (₹21,945.87 करोड़) तक पहुंच गया।
- स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात में 51.22% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।
- हीरे के निर्यात की मात्रा (Volume) में 3.23% का सुधार देखा गया।
भारतीय रत्न और आभूषण निर्यात प्रोत्साहन परिषद (GJEPC) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत के रत्न और आभूषण क्षेत्र ने वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। कुल सकल निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 3.14% की वृद्धि हुई है, जो अब $2.30 बिलियन के स्तर पर है।
इस वृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 'वैल्यू एडिशन' यानी मूल्यवर्धन रहा है। विशेष रूप से, स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी (Studded Gold Jewellery) के निर्यात में 51.22% का अभूतपूर्व उछाल देखा गया, जो बढ़कर $642.85 मिलियन हो गया है। यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तैयार और कलात्मक आभूषणों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह वृद्धि?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। जब भारत केवल कच्चे हीरे या सोना निर्यात करने के बजाय उन्हें तैयार आभूषणों में बदलकर निर्यात करता है, तो इससे देश के भीतर विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing sector) को मजबूती मिलती है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
अगस्त का प्रदर्शन भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग की लचीलापन और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।
हीरे के बाजार की बात करें तो, हालांकि मूल्य (Value) के मामले में कुछ उतार-चढ़ाव देखे गए, लेकिन मात्रा (Volume) के मामले में सकारात्मक संकेत मिले हैं। कटे और पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात अगस्त 2025 के 12.94 लाख कैरेट से बढ़कर अगस्त 2026 में 13.36 लाख कैरेट हो गया है। यह वैश्विक हीरा बाजार में मांग की वापसी का संकेत है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग दशकों से देश के सबसे बड़े निर्यात क्षेत्रों में से एक रहा है। सूरत और मुंबई जैसे शहर वैश्विक हीरा कटिंग और पॉलिशिंग के केंद्र हैं। पिछले कुछ वर्षों में, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय निर्यातकों ने अपनी तकनीक और डिजाइन क्षमता के दम पर बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ की है।
| श्रेणी (Category) | अगस्त 2025 (अनुमानित) | अगस्त 2026 (वास्तविक) | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| कुल निर्यात (USD) | $2.23 बिलियन | $2.30 बिलियन | 3.14% |
| स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी | $425 मिलियन (लगभग) | $642.85 मिलियन | 51.22% |
| हीरा निर्यात (कैरेट) | 12.94 लाख | 13.36 लाख | 3.23% |
Frequently Asked Questions
1. अगस्त में किस श्रेणी के आभूषणों में सबसे अधिक वृद्धि हुई?
स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात में सबसे अधिक 51.22% की वृद्धि देखी गई।
2. GJEPC क्या है?
GJEPC का अर्थ है Gem and Jewellery Export Promotion Council, जो भारत में इस उद्योग के विकास और निर्यात को बढ़ावा देने वाली मुख्य संस्था है।