तमिलनाडु काउवेरी किसान संरक्षण संघ ने सरकार से कृषि विद्युत कनेक्शनों के आवंटन को दोगुना करने की अपील की है ताकि दो दशकों से लंबित लाखों आवेदनों का समाधान किया जा सके।

  • 2.86 लाख किसान 2004 से कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए पंजीकृत हैं।
  • 'तत्काल' योजना के तहत किसानों ने ₹2,431 करोड़ का भुगतान किया है।
  • संघ ने सरकार से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आवंटन दोगुना करने की मांग की है।

थंजावुर: तमिलनाडु काउवेरी किसान संरक्षण संघ ने तमिलनाडु सरकार से वर्ष 2026-27 के लिए कृषि विद्युत कनेक्शनों के आवंटन में भारी वृद्धि करने की पुरजोर मांग की है। यह मांग उन दो लाख से अधिक किसानों के समर्थन में उठाई गई है, जिनके आवेदन पिछले दो दशकों से लंबित पड़े हैं।

संघ के सचिव सुंदरा विमलनाथन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को संबोधित एक बयान में कहा कि वर्ष 2004 से अब तक कुल 2.86 लाख किसान मुफ्त कृषि विद्युत कनेक्शन और स्व-वित्तपोषण योजनाओं के लिए पंजीकृत हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 89,289 किसानों ने 'तत्काल' योजना के तहत ₹2,431 करोड़ की भारी राशि जमा करके कनेक्शन की मांग की थी, जिनमें से अब तक केवल 44,993 किसानों को ही लाभ मिल पाया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृषि क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। यदि बिजली कनेक्शनों में देरी जारी रहती है, तो यह न केवल किसानों की लागत बढ़ाता है बल्कि सिंचाई के लिए वैकल्पिक और महंगे साधनों पर निर्भरता भी बढ़ाता है।

दो दशकों का इंतजार कृषि क्षेत्र में प्रशासनिक विफलता का एक गंभीर संकेत है, जिसे तत्काल सुधार की आवश्यकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, मदुरै स्थित मद्रास उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने भी इस संबंध में सवाल उठाए हैं। न्यायालय ने बिजली विभाग द्वारा 'तत्काल' योजना के माध्यम से वसूले गए ₹2,431 करोड़ के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। यदि आगामी वर्ष के लिए आवंटित 50,000 कनेक्शनों में से 'तत्काल' आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है, तो सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए 6,000 से भी कम कनेक्शन बचेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु में कृषि सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भरता दशकों से बनी हुई है। पिछले 20 वर्षों में तकनीकी प्रगति के बावजूद, बिजली वितरण और नए कनेक्शनों की प्रक्रिया में नौकरशाही की बाधाओं ने किसानों को संकट में डाल दिया है, जिससे 'तत्काल' जैसी योजनाओं के बावजूद आवेदनों का अंबार लगा हुआ है।

Did You Know?: तमिलनाडु के कई हिस्सों में किसान सिंचाई के लिए बिजली के बजाय निजी डीजल पंपों पर निर्भर हैं, जो खेती की लागत को 30% तक बढ़ा देता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'तत्काल' योजना क्या है?
उत्तर: यह एक विशेष योजना है जिसके तहत किसान अतिरिक्त शुल्क (charges) देकर तेजी से बिजली कनेक्शन प्राप्त करने का विकल्प चुनते हैं।

प्रश्न 2: किसान क्या मांग कर रहे हैं?
उत्तर: किसान चाहते हैं कि सरकार आगामी वर्ष के लिए बिजली कनेक्शनों का कोटा दोगुना कर दे ताकि लंबित आवेदनों का निपटारा हो सके।