चंडीगढ़ के तीन महत्वपूर्ण धरोहर को बेचने की अनुमति न देने के लिए केंद्र सरकार से मांग की जा रही है। इनमें पियरे जेनरेट की डेस्क और कुर्सी शामिल हैं जो अमेरिका में बेचे जाने वाले हैं और एक दुर्लभ झूलने वाली कुर्सी जो स्पेन में बेचे जाने वाली है।
चंडीगढ़ के तीन महत्वपूर्ण धरोहर को बेचने की अनुमति न देने के लिए केंद्र सरकार से मांग की जा रही है। इनमें पियरे जेनरेट की डेस्क और कुर्सी शामिल हैं जो अमेरिका में बेचे जाने वाले हैं और एक दुर्लभ झूलने वाली कुर्सी जो स्पेन में बेचे जाने वाली है। इन धरोहरों के अनुमानित मूल्य 6,000-8,000 अमेरिकी डॉलर और 12,000-14,000 यूरो है। चंडीगढ़ के एक वकील अजय जगा ने केंद्र सरकार, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासन से मांग की है कि वे इन धरोहरों को वापस लाने और उन्हें बेचने से रोकने के लिए कदम उठाएं। जगा ने कहा है कि चंडीगढ़ के इन धरोहरों को बेचने से देश का महत्वपूर्ण धरोहर खो जाएगा और यह भी साबित होगा कि चंडीगढ़ कैपिटल कम्प्लेक्स एक महत्वपूर्ण विश्व धरोहर स्थल है।