छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रील देखने की लत और इंटरनेट कनेक्टिविटी में बार-बार आने वाली बाधा से परेशान होकर एक 52 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

  • कोरबा, छत्तीसगढ़ की एक 52 वर्षीय महिला ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की।
  • घटना का कारण रील देखते समय इंटरनेट का बार-बार बाधित होना बताया गया है।
  • पीड़िता ने शनिवार को प्रयास किया और सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

डिजिटल मनोरंजन पर बढ़ती मनोवैज्ञानिक निर्भरता का एक दुखद उदाहरण छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सामने आया है। यहाँ मंगलो बाई सारथी नामक एक 52 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी में समस्या आने के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव की है।

पुलिस और परिजनों के अनुसार, सारथी को अपने मोबाइल फोन पर 'रील्स' देखने की गंभीर लत थी। शनिवार, 5 सितंबर 2026 को जब वह वीडियो देख रही थी, तब नेटवर्क बार-बार गायब हो रहा था, जिससे वीडियो रुक-रुक कर चल रहे थे। इस तकनीकी समस्या ने उन्हें अत्यधिक मानसिक तनाव और गुस्से में डाल दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट बाधित होने से नाराज होकर महिला ने अपना मोबाइल फोन जमीन पर पटक दिया, जिससे फोन पूरी तरह टूट गया। इसके तुरंत बाद, उन्होंने घर में रखे कीटनाशक का सेवन कर लिया। उनकी 17 वर्षीय बेटी ने उन्हें गंभीर हालत में देखा और तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को सूचित किया, जिसके बाद उन्हें करतला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल भावनात्मक अस्थिरता का मामला नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक प्रवृत्ति का लक्षण है। शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट के एल्गोरिदम मस्तिष्क में 'डोपामाइन लूप' बनाते हैं, जिससे उत्तेजना हटने पर व्यक्ति अत्यधिक चिड़चिड़ापन महसूस कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ डिजिटल साक्षरता की कमी है, ऐसी लत के परिणाम घातक हो सकते हैं।

"जब डिजिटल उत्तेजना किसी व्यक्ति के लिए भावनात्मक नियंत्रण का प्राथमिक स्रोत बन जाती है, तो मनोरंजन जुनून में बदल जाता है।"

प्रारंभिक उपचार के बाद, गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कोरबा के एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, सोमवार, 7 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

ऐतिहासिक संदर्भ: पिछले कुछ वर्षों में, सस्ते डेटा के प्रसार के बाद भारत में सभी आयु समूहों में 'डिजिटल एडिक्शन' के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। जबकि अधिकांश मामले उत्पादकता की हानि या नींद के विकारों तक सीमित रहते हैं, लेकिन अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सोशल मीडिया से जुड़े गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकटों की खबरें बढ़ती जा रही हैं।

क्या आप जानते हैं?: शॉर्ट-फॉर्म वीडियो मस्तिष्क में रुक-रुक कर डोपामाइन रिलीज करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं, जो उन्हें लंबी अवधि की सामग्री की तुलना में अधिक व्यसनी बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यह घटना कहाँ हुई?
यह घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के केराकछार गांव में हुई।

प्रश्न 2: महिला ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया?
रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला को रील देखने की लत थी और इंटरनेट बाधित होने के कारण वीडियो न चल पाने से वह अत्यधिक परेशान हो गई थी।