दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मास्टर प्लान 2047 के तहत UER-II कॉरिडोर पर हाई-डेंसिटी कॉरिडोर (HDC) बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें 10 मंजिला इमारतों और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट्स को अनुमति दी जा सकती है।

मुख्य बातें

  • UER-II कॉरिडोर के दोनों ओर 250 मीटर चौड़ा हाई-डेंसिटी कॉरिडोर (HDC) विकसित किया जाएगा।
  • इमारतों की ऊंचाई 10 मंजिलों तक हो सकती है, जिसमें 400 का फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) मिलेगा।
  • कुल FAR का 20% हिस्सा किफायती आवास (Affordable Housing) के लिए आरक्षित रहेगा।
  • यह नीति आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक उपयोग के 'वर्टिकल मिक्स' की अनुमति देगी।

दिल्ली के शहरी परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। मास्टर प्लान दिल्ली (MPD) 2047 के हिस्से के रूप में, शहरी विस्तार सड़क-II (UER-II) के किनारे एक नया हाई-डेंसिटी कॉरिडोर (HDC) विकसित करने की योजना है। यह 75 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा से जोड़ता है, जो शहर के लिए एक तीसरे रिंग रोड के रूप में कार्य करेगा।

इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य भूमि के उपयोग को अनुकूलित करना और यात्रा की मांग को कम करना है। प्रस्तावित नीति के तहत, UER-II के किनारे स्थित योजना क्षेत्रों (K-I, L, N, P-I और P-II) में इमारतों को 10 मंजिलों तक ऊंचा बनाया जा सकेगा। यह विकास 'मिश्रित उपयोग' (Mixed-use) मॉडल पर आधारित होगा, जहां एक ही इमारत में आवासीय और व्यावसायिक दोनों सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम दिल्ली में बढ़ती जनसंख्या और भूमि की कमी के बीच एक स्मार्ट शहरी समाधान प्रदान कर सकता है। UER-II के किनारे सघन विकास से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ेगा और शहर के विस्तार को व्यवस्थित दिशा मिलेगी।

सघन शहरी विकास और बेहतर कनेक्टिविटी दिल्ली के भविष्य के बुनियादी ढांचे की रीढ़ साबित होगी।

नीति के अनुसार, इस कॉरिडोर में शामिल होने के लिए भागीदारी स्वैच्छिक है। जो भूस्वामी इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें अपने मूल भूखंड का 50% हिस्सा DDA को सौंपना होगा। इसके बदले में, उन्हें 400 का उच्च FAR दिया जाएगा, जिससे वे अधिक निर्माण कर सकेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली का विकास हमेशा से रिंग रोड और प्रमुख राजमार्गों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। UER-II का निर्माण दिल्ली के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक रणनीतिक कदम है, और MPD 2047 इस बुनियादी ढांचे का अधिकतम लाभ उठाने का प्रयास कर रहा है।

क्या आप जानते हैं?: UER-II को दिल्ली का 'तीसरा रिंग रोड' कहा जाता है, जो शहर के यातायात को हरियाणा के शहरों जैसे सोनीपत और बहादुरगढ़ से सीधे जोड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या यह योजना सभी क्षेत्रों पर लागू होगी?
नहीं, यह पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों, विरासत स्थलों और रक्षा क्षेत्रों (Cantonment) पर लागू नहीं होगी।

2. किफायती आवास के लिए क्या प्रावधान है?
नीति के तहत, कुल FAR का 20% हिस्सा किफायती आवास के लिए आरक्षित करना अनिवार्य होगा।