बेंगलुरु मेट्रो (BMRCL) अगले सप्ताह येलो लाइन के लिए 13वां ट्रेनसेट परिचालन में लाने की तैयारी कर रही है, जिससे यात्रियों को कम प्रतीक्षा समय मिलेगा।
मुख्य बातें
- अगले सप्ताह येलो लाइन पर 13वीं ट्रेन शुरू होगी।
- कुल 15 ट्रेनसेट में से 13 नियमित सेवा में रहेंगे और 2 रिजर्व में रहेंगे।
- पीक ऑवर्स में ट्रेनें हर 4-5 मिनट में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने घोषणा की है कि येलो लाइन (R.V. रोड-बोम्म्हासंद्रा कॉरिडोर) के लिए 13वां ट्रेनसेट अगले सप्ताह से व्यावसायिक परिचालन में शामिल कर लिया जाएगा। यह कदम 19.75 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है।
कोलकाता के पास टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) द्वारा निर्मित यह छह कोच वाली ट्रेन जून में हेब्बागोडी डिपो पहुंच चुकी थी। अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन ने मुख्य लाइन ट्रैक पर अनिवार्य 750 किलोमीटर का डायनेमिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब यह यात्रियों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि येलो लाइन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों के यात्रा समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में, केवल 10 ट्रेनसेट परिचालन में हैं, जिससे पीक ऑवर्स में 7 मिनट और गैर-पीक घंटों में 10 मिनट का अंतराल रहता है। जैसे ही सभी 15 ट्रेनसेट चालू हो जाएंगे, पीक ऑवर्स में ट्रेनों की आवृत्ति बढ़कर हर 4 से 5 मिनट हो जाएगी।
मेट्रो सेवाओं में वृद्धि न केवल भीड़ कम करेगी बल्कि बेंगलुरु के दक्षिण-पूर्वी गलियारे में शहरी गतिशीलता को भी नई दिशा देगी।
वर्तमान में, 14वां ट्रेनसेट भी हेब्बागोडी डिपो में पहुंच चुका है और निरीक्षण के दौर से गुजर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 15 ट्रेनसेट की योजना बनाई गई है, जिनमें से 13 नियमित यात्री संचालन के लिए तैनात किए जाएंगे, जबकि 2 को आपातकालीन स्थितियों या रखरखाव के लिए रिजर्व स्टॉक के रूप में रखा जाएगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बेंगलुरु मेट्रो का विस्तार शहर की बढ़ती आबादी और यातायात की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जा रहा है। येलो लाइन विशेष रूप से आईटी कॉरिडोर और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: येलो लाइन पर ट्रेनों की आवृत्ति कितनी होगी?
उत्तर: सभी 15 ट्रेनसेट चालू होने के बाद, पीक ऑवर्स में ट्रेनें हर 4-5 मिनट में उपलब्ध होंगी।
प्रश्न 2: ट्रेनसेट का निर्माण किसने किया है?
उत्तर: इन ट्रेनसेटों का निर्माण टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) द्वारा किया गया है।