शाबाद के छह हत्याओं के आरोपी राज कुमार के अंतिम सफर का पुलिस ने विस्तृत विवरण तैयार किया है। सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों के जरिए पुलिस ने उसके मंदिर से लेकर होटल और अंततः आत्महत्या तक के सफर को फिर से बनाया है।
मुख्य बातें
- राज कुमार ने हत्या के बाद तीन दिनों तक पुलिस को चकमा दिया।
- सीसीटीवी फुटेज में उसने मास्क पहनकर एलबी नगर के एक होटल में प्रवेश किया।
- पुलिस का मानना है कि उसने मीडिया रिपोर्ट देखने के लिए इंटरनेट का उपयोग किया था।
- अंततः उसने कोथूर के पास एक सुनसान इलाके में जहर खाकर जान दी।
शाबाद के दैवलागुडा गांव में हुए छह लोगों की हत्या के मामले में, पुलिस ने मुख्य संदिग्ध पी. राज कुमार के अंतिम 63 घंटों का एक विस्तृत खाका तैयार किया है। फ्यूचर सिटी पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, परिवहन रिकॉर्ड और होटल दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि राज कुमार हत्या के बाद लगातार भागता रहा और अंततः आत्मघाती कदम उठा लिया।
भागने का सिलसिला और छिपने के प्रयास
जांचकर्ताओं के अनुसार, हत्या के अगले दिन शनिवार को राज कुमार ने पुलिस से बचने के लिए कोथूर क्षेत्र में आवाजाही की। उसने अपने गांव दैवलागुडा से एक कार किराए पर ली, लेकिन ईंधन खत्म होने के कारण उसे चेगुर के पास छोड़ दिया। इसके बाद उसने थिम्मामपुर रेलवे स्टेशन के पास आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन असफल रहने के बाद वह रविवार तक एक छोटे मंदिर में छिपा रहा।
एलबी नगर होटल का रहस्यमयी घटनाक्रम
सोमवार सुबह, राज कुमार ने कोथूर से बस के जरिए एलबी नगर तक का सफर तय किया। वहां उसने एक बजट होटल में कमरा लिया, लेकिन वह वहां 30 मिनट से भी कम समय के लिए रुका। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उसने अपना चेहरा मास्क से ढका हुआ था और उसकी शर्ट पर खून के धब्बे थे। जब कर्मचारियों ने उससे पूछा, तो उसने चोट लगने का बहाना बनाया।
पुलिस का मानना है कि उसने अपने मोबाइल को 'एयरप्लेन मोड' पर रखकर इंटरनेट का उपयोग केवल यह देखने के लिए किया कि पुलिस उसकी तलाश में क्या खबरें चला रही है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, अपराधी का यह व्यवहार दर्शाता है कि वह पूरी तरह से सतर्क था और कानून की गतिविधियों पर नजर रखना चाहता था। होटल में उसने अपना आधार कार्ड डिजिटल रूप में दिखाया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
अंतिम क्षण और आत्महत्या
होटल से निकलने के बाद, उसने एक टैक्सी ली जो उसे शमशाबाद के पास छोड़ गई। इसके बाद वह कोथूर के एक दुकान से हर्बिसाइड (खरपतवार नाशक) खरीदकर एक सुनसान इलाके में चला गया। 13 जुलाई को उसका शव पेनजरला गांव के पास मिला, जहां उसने जहर का सेवन कर जीवन समाप्त कर लिया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: राज कुमार की मौत कैसे हुई?
उत्तर: पुलिस जांच के अनुसार, राज कुमार ने कोथूर क्षेत्र से खरीदा गया हर्बिसाइड (जहर) खाकर आत्महत्या कर ली।
प्रश्न 2: हत्या के कितने समय बाद उसका शव मिला?
उत्तर: हत्या के लगभग तीन दिनों के बाद, 13 जुलाई को उसका शव मिला।