गुड़गांव की 32 वर्षीय कर्मचारी नुटन ने कहा कि वह जुलाइ 20 को दिल्ली के जंतर मंतर के पास हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान फव्वारे के बगल में गोली से घायल हुई। अस्पताल के दस्तावेज़ में उसके दाएँ कान को गोली के कारण चोट का उल्लेख है, जबकि उसे दो घंटे की सर्जरी के बाद मात्र 15 मिनट में डिस्चार्ज किया गया।

मुख्य बिंदु

  • नुटन ने जंतर मंतर के पास फव्वारे के बगल में गोली लगी होने का दावा किया
  • आरएमएल अस्पताल की रिपोर्ट में दाएँ कान में गोली से आघात दर्ज
  • दो घंटे की सर्जरी के बाद 15 मिनट में डिस्चार्ज, प्रक्रिया पर सवाल

घटना का विवरण

गुड़गांव के एक निजी फर्म में कार्यरत 32 वर्षीय नुटन ने जुलाई 20, 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान फव्वारे और शेर की लोहे की प्रतिमा के पास गोली लगने की बात बताई। वह कहती हैं कि वह उच्च भाग में खड़ी थी जब नीचे से गोली चलाई गई, जिससे उसका कान छेद गया।

नुटन ने कहा, “मेरे कान का लगभग पूरा हिस्सा कट गया था, और मुझे तुरंत रक्तस्राव हुआ।” उसकी रम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल की डिस्चार्ज सारांश में “ग्लो के कारण दाएँ कान में चोट” दर्ज है।

दिल्ली पुलिस के सार्वजनिक संबंध अधिकारी रंजीव रंजन ने कहा कि चोट “ब्लंट वेपन” से हुई थी, न कि फायरआर्म से, लेकिन इस पर अब सवाल उठे हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that rapid discharge after a serious gunshot injury raises concerns about medical protocol adherence and possible pressure on hospitals during mass protests.

“ऐसी गंभीर चोट के बाद 15 मिनट में डिस्चार्ज करना चिकित्सा लापरवाही की निशानी हो सकता है।” – मानवाधिकार वकील अंजली सिंह

हॉस्पिटल और पुलिस की प्रतिक्रिया

नुटन ने बताया कि दो घंटे की सर्जरी के बाद उसे केवल 15 मिनट में घर भेज दिया गया और डॉक्टरों ने उसे जल्दी से जल्दी बाहर निकलने को कहा। वह यह भी कहती हैं कि अस्पताल में कई पुलिसकर्मी छोटे-छोटे घावों के साथ स्ट्रेचर पर लेटे हुए दिखे, जिससे प्रक्रिया में असमानता का संदेह उठता है।

रोज़मर्रा की यात्रा के लिए वह रोडब्लॉक्स और पुलिस के दबाव से जूझती रही, जिससे उसकी दुबारा ड्रेसिंग के लिए अस्पताल जाना और भी कठिन हो गया।

Did You Know?: जंतर मंतर का ऐतिहासिक सूर्य घड़ी 1724 में बनवाई गई थी और यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नुटन के दावे को समर्थन देने वाला प्रमाण क्या है?

उत्तर: अस्पताल का डिस्चार्ज सारांश जिसमें “ग्लो के कारण दाएँ कान में चोट” लिखा है, और नुटन के स्वयं के बयान।

प्रश्न 2: इस मामले में अधिकारियों ने क्या कदम उठाए हैं?

उत्तर: दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक संबंध अधिकारी के माध्यम से कहा कि चोट ब्लंट वेपन से हुई, और मामले की जांच जारी है।