कोइम्बतूर पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के कारण अवैध बाजार में गांजे की उपलब्धता कम हो गई है, जिससे इसकी कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। अब 500 रुपये वाला पैकेट 1000 रुपये से अधिक में बिक रहा है।

मुख्य बातें

  • पुलिस की सख्ती के कारण कोइम्बतूर में गांजे की आपूर्ति में भारी कमी आई है।
  • गांजे की कीमतें 500 रुपये से बढ़कर 1,000 रुपये प्रति पैकेट से अधिक हो गई हैं।
  • कमी को पूरा करने के लिए तस्कर अब गांजे में मिलावट कर रहे हैं।
  • पुलिस ने एम्बुलेंस का उपयोग करके तस्करी करने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया है।

कोइम्बतूर में पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का सीधा असर अवैध बाजार पर दिख रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गांजे की उपलब्धता में आई कमी के कारण इसकी कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। जो 8-10 ग्राम का ज़िप पैकेट पहले लगभग ₹500 में उपलब्ध था, वह अब ₹1,000 से अधिक की कीमत पर बिक रहा है।

बढ़ती कीमतें और मिलावट का खतरा

कोइम्बतूर पुलिस कमिश्नर एन. कन्नन ने स्पष्ट किया कि बाजार में कीमतों का यह उछाल पुलिस की प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि नशीले पदार्थों का प्रवाह और उनका प्रसार काफी कम हो गया है। हालांकि, इस कमी ने एक नया खतरा पैदा कर दिया है। जिला (ग्रामीण) पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आपूर्ति में कमी को पूरा करने के लिए तस्कर अब गांजे में विभिन्न प्रकार की मिलावट (adulterants) कर रहे हैं, जो उपयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकता है।

तस्करी के नए और खतरनाक तरीके

पुलिस ने न केवल स्थानीय तस्करों पर नकेल कसी है, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी के नए तरीकों को भी उजागर किया है। हाल ही में, निषेध प्रवर्तन विंग (PEW) ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जो आंध्र प्रदेश से कोइम्बतूर तक गांजा पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस का उपयोग कर रहे थे ताकि वाहन जांच से बचा जा सके।

विशेषज्ञ विश्लेषण: पुलिस की सख्ती ने आपूर्ति श्रृंखला को तो तोड़ा है, लेकिन मिलावटखोरी का बढ़ता चलन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक नई चुनौती पेश करता है।

BozokMedia विश्लेषण: कानून का प्रभाव

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पुलिस द्वारा न केवल ड्रग पेडलर्स बल्कि उनके ग्राहकों (clientele) की भी जांच की जा रही है, जिससे उपयोगकर्ताओं में डर पैदा हुआ है और वे अब फोन के माध्यम से संपर्क करने से बच रहे हैं। जुलाई के महीने में ही PEW ने 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में वाहन और बैंक खाते जब्त किए हैं।

क्या आप जानते हैं?: तस्करों ने जांच से बचने के लिए एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों का उपयोग तस्करी के लिए किया, जो कानून प्रवर्तन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. कोइम्बतूर में गांजे की कीमत क्यों बढ़ गई है?
पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी पर की जा रही कड़ी कार्रवाई और छापेमारी के कारण आपूर्ति में कमी आई है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं।

2. क्या तस्कर अब गांजे में कुछ मिला रहे हैं?
हाँ, पुलिस के अनुसार, कमी की भरपाई करने के लिए तस्कर अब गांजे में हानिकारक मिलावट कर रहे हैं।