नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कूरियर सेवाओं का उपयोग करके पूरे देश में LSD सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस ऑपरेशन में 2,796 LSD ब्लॉट्स और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिसमें एक डॉक्टर भी शामिल है।
मुख्य बातें
- NCB ने कूरियर के जरिए संचालित होने वाले अखिल भारतीय LSD नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
- कुल 2,796 LSD ब्लॉट्स, हाइड्रोपोनिक गांजा और नशीली गोलियां जब्त की गईं।
- गिरफ्तार आरोपियों में एक डॉक्टर और एक मेडिकल छात्र भी शामिल है।
- ड्रग्स की खरीद डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी (Monero) के जरिए की जा रही थी।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े अंतर-क्षेत्रीय ऑपरेशन के माध्यम से एक बेहद शातिर ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और कोच्चि की क्षेत्रीय इकाइयों के समन्वय से चलाए गए इस अभियान में पाया गया कि यह गिरोह एक्सप्रेस कूरियर सेवाओं की आड़ में पूरे भारत में LSD (Lysergic Acid Diethylamide) की सप्लाई कर रहा था।
ऑपरेशन का विवरण
जांच की शुरुआत चेन्नई में LSD ब्लॉट्स की जब्ती के साथ हुई। जांच में पता चला कि पुणे से कूरियर के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थों के पार्सल भेजे जा रहे थे। NCB ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर चेन्नई, कन्याकुमारी और पुणे में एक सप्ताह तक चले समन्वित ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस दौरान एक मुख्य सिंडिकेट सदस्य को पकड़ा गया जो बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पार्सल भेजने की तैयारी कर रहा था।
डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी का जाल
बोजोकमीडिया (BozokMedia) विश्लेषण से पता चलता है कि यह नेटवर्क आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा था। आरोपियों ने डार्कनेट मार्केटप्लेस का उपयोग किया और लेनदेन के लिए Monero (XMR) जैसी गोपनीयता-केंद्रित क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया, ताकि वित्तीय लेनदेन का पता न लगाया जा सके। यह मॉडल मुख्य आपूर्तिकर्ताओं को कानून की पहुंच से दूर रखने के लिए बनाया गया था।
नारकोटिक्स नेटवर्क अब एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग और गुमनाम क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके पारंपरिक जांच तंत्र को चुनौती दे रहे हैं।
बरामदगी का विवरण
| पदार्थ का प्रकार | मात्रा/विवरण |
|---|---|
| LSD ब्लॉट्स | 2,796 नग |
| हाइड्रोपोनिक गांजा | 166 ग्राम (हरा पदार्थ) |
| निट्राज़ेपम टैबलेट | 113 टैबलेट (59.89 ग्राम) |
| नकदी | ₹70,000 |
इस छापेमारी में एक डॉक्टर और एक मेडिकल कॉलेज के छात्र सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को संदेह है कि कोडीकानल में गेस्ट हाउस चलाने वाले दो अन्य लोग इस गिरोह से जुड़े हैं और फिलहाल फरार हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में, भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां बड़े खेप समुद्र या सीमाओं के माध्यम से आती थी, वहीं अब 'कूरियर-आधारित' मॉडल और डार्कनेट का उदय हुआ है, जिससे छोटे लेकिन बार-बार होने वाले पार्सल भेजना आसान हो गया है।
Frequently Asked Questions
1. यह गिरोह कैसे काम कर रहा था?
यह गिरोह डार्कनेट के माध्यम से ऑर्डर लेता था और कूरियर सेवाओं का उपयोग करके पार्सल भेजता था।
2. अपराधियों ने भुगतान कैसे प्राप्त किया?
वे Monero (XMR) जैसी क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते थे ताकि उनके बैंक खातों या वित्तीय लेन-देन का पता न चल सके।