चेन्नई की सीबी-सीआईडी ने इरीडियम निवेश घोटाले के एक प्रमुख आरोपी सुरेश कुमार को बहरीन से लौटते समय चेन्नई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को आरबीआई के माध्यम से करोड़ों रुपये दिलाने का झांसा देता था।
मुख्य बातें
- सीबी-सीआईडी ने मुख्य आरोपी सुरेश कुमार को चेन्नई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया।
- आरोपी बहरीन से भारत लौट रहा था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी था।
- घोटाले में आरबीआई, डीआरडीओ और बार्क के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।
- अब तक इस घोटाले में 19 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
तमिलनाडु की क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) ने एक बड़े 'इरीडियम' निवेश घोटाले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। चेन्नई निवासी मुख्य आरोपी सुरेश कुमार को 31 जुलाई को बहरीन से चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय हिरासत में लिया गया। उसे 1 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कैसे चलता था करोड़ों का यह फर्जीवाड़ा?
जांच में पता चला है कि यह गिरोह पीड़ितों को यह विश्वास दिलाकर ठगता था कि केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से इरीडियम कॉपर की बिक्री से प्राप्त भारी राशि जारी करने की अनुमति दी है। ठगों ने पीड़ितों को सेवा शुल्क और आरबीआई अधिकारियों को कमीशन देने के लिए उकसाया ताकि वे इन करोड़ों रुपयों को प्राप्त कर सकें।
विश्वास जीतने के लिए, गिरोह ने RBI, DRDO, BARC और आयकर विभाग के नाम और प्रतीक चिन्हों वाले फर्जी दस्तावेज दिखाए। उन्होंने इरीडियम होने का दावा करते हुए नकली धातु और पत्थर भी पेश किए।
BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घोटाला सरकारी संस्थानों की विश्वसनीयता का दुरुपयोग करने का एक सुनियोजित प्रयास था। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लोगों की भावनाओं और लालच का फायदा उठाकर, अपराधी एक बहुत ही जटिल नेटवर्क का संचालन कर रहे थे, जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (बहरीन और भारत) तक फैला हुआ था।
सरकारी संस्थानों के नाम पर होने वाले निवेश प्रस्तावों से हमेशा सावधान रहें, क्योंकि जालसाज अब अत्यंत परिष्कृत फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं।
मामले की शुरुआत 15 मार्च 2025 को आरबीआई के एक सहायक महाप्रबंधक की शिकायत के बाद हुई थी। अब तक कम से कम 50 पीड़ितों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। आरोपी सुरेश कुमार पर आरोप है कि उसने फर्जी United Overseas Bank (UOB) और आरबीआई दस्तावेज तैयार किए थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इरीडियम एक अत्यंत दुर्लभ और मूल्यवान धातु है जिसका उपयोग अंतरिक्ष और रक्षा उद्योगों में किया जाता है। इसकी उच्च कीमत के कारण, जालसाज अक्सर इसके व्यापार के नाम पर बड़े निवेश घोटाले करते हैं, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. यह घोटाला किस आधार पर किया गया था?
यह घोटाला इरीडियम कॉपर की बिक्री से प्राप्त सरकारी धन को आरबीआई के माध्यम से जारी करने का झांसा देकर किया गया था।
2. पुलिस ने अब तक क्या बरामद किया है?
पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, प्रिंटर, फर्जी आरबीआई और डीआरडीओ दस्तावेज, और नकली धातु व पत्थर बरामद किए हैं।