पुणे में दो जालसाजों ने बिना इंटरव्यू सीधे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 117 नौकरी चाहने वालों से 3.73 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मुख्य बातें
- दो आरोपियों ने 117 उम्मीदवारों को निशाना बनाया।
- बिना इंटरव्यू सीधे सरकारी नौकरी का फर्जी वादा किया गया।
- कुल 3.73 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
- फर्जी नियुक्ति पत्र और चयन सूची का इस्तेमाल किया गया।
महाराष्ट्र के पुणे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। दो शातिर जालसाजों ने 117 नौकरी चाहने वालों को अपना शिकार बनाया और उनसे 3.73 करोड़ रुपये की भारी रकम वसूल ली। आरोपियों ने दावा किया था कि उनके पास मंत्रालय और विभिन्न सरकारी विभागों में ऊंचे रसूख हैं और वे बिना किसी इंटरव्यू के सीधे नौकरी दिला सकते हैं।
कैसे दिया गया झांसा?
बारामती पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपी सुबाहु सरकार (alias राणा) और प्रमोद भगवान गुरव ने पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए फर्जी चयन सूचियां और जाली सरकारी मुहरों वाले नियुक्ति पत्र दिखाए। आरोपियों ने दावा किया कि वे स्वास्थ्य, वन, जल संसाधन और रेलवे जैसे विभागों में नियुक्तियां करवा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले ही लगभग 400 लोगों को नौकरी दिला चुके हैं, जिससे लोगों का भरोसा उन पर बढ़ गया।
BozokMedia विश्लेषण: घोटाले का तरीका
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घोटाला अत्यंत सुनियोजित था। आरोपियों ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए प्रति उम्मीदवार 5 लाख रुपये और रेलवे की नौकरियों के लिए 6 लाख रुपये की मांग की। जालसाजों ने पीड़ितों को इतना विश्वास में लिया कि उन्हें फर्जी 'प्रशिक्षण' (training) के लिए भी बुलाया गया, ताकि उन्हें लगे कि चयन प्रक्रिया वास्तविक है।
सरकारी नौकरियों के नाम पर होने वाली यह धोखाधड़ी दर्शाती है कि कैसे बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर संगठित अपराधी जाल बिछाते हैं।
जब उम्मीदवारों ने अपने फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर संबंधित विभागों में रिपोर्ट किया, तब उन्हें पता चला कि वे शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
क्या आप जानते हैं?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. यह घोटाला कहाँ हुआ?
यह घोटाला महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती क्षेत्र में हुआ है।
2. जालसाजों ने क्या वादा किया था?
उन्होंने बिना किसी इंटरव्यू के सीधे केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने का वादा किया था।