पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक संयुक्त पुलिस छापेमारी में लगभग 2.5 करोड़ रुपये नकद, हजारों प्रतिबंधित खांसी की दवा की बोतलें और सोना बरामद हुआ। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और इस मामले को अंतर-राज्य व सीमा पार ड्रग नेटवर्क का बड़ा झटका बताया गया।
Key Takeaways
- 2.5 करोड़ रुपये नकद और 1,000 से अधिक खांसी की दवा की बोतलें बरामद
- तीन संदिग्धों को गिरफ्तार, जांच जारी
- संपूर्ण नेटवर्क को उजागर करने के लिए आगे की छापेमारी संभावित
मालदा में बड़ी पुलिस कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मंगलबाड़ी में स्थित एक फ्लैट पर डाकिन-डिनाजपुर और मालदा पुलिस की संयुक्त टीम ने रात भर छापेमारी की। इस दौरान पिंटू सारकार को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया, जो पूर्व में गिरफ्तार हुए शंकास्पद तस्कर मृदुल घोष के सहयोगी माने जाते हैं।
जगह पर 2.5 करोड़ रुपये नकद, लगभग 1,000 बोतलें प्रतिबंधित खांसी की दवा (जिसकी काली बाजार कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई गई) और 20 ग्राम सोना भी बरामद हुआ। पुलिस ने कहा कि यह सामग्री एक बड़े अंतर-राज्य और सीमा‑पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that dismantling such a network not only curtails illicit drug flow but also prevents large-scale financial crimes that fund other illegal activities across the Indo‑Bangladeshi border.
"इस तरह की तस्करी के पीछे जटिल वित्तीय लेन‑देन होते हैं, जिन्हें रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यावश्यक है," कहा सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह ने।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल में सीमा‑पार तस्करी का इतिहास दशकों से रहा है, विशेषकर नक्सल‑प्रभावित क्षेत्रों से लेकर बांग्लादेश की सीमाओं तक। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने "शून्य सहनशीलता" नीति अपनाकर कई बड़े ऑपरेशन किए हैं, जिनमें 2024 में 1.8 करोड़ रुपये नकद और प्रतिबंधित औषधियों की बड़ी तस्करी को रोकना शामिल था।
Frequently Asked Questions
- क्या यह तस्करी केवल भारत में सीमित है? नहीं, इस नेटवर्क में बांग्लादेश और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों से भी कनेक्शन हैं।
- पुलिस आगे कौन से कदम उठाएगी? बरामद की गई वस्तुओं की जाँच, आरोपी लोगों से पूछताछ और नेटवर्क के अन्य सदस्यों को ट्रैक करने के लिए अतिरिक्त छापेमारी की योजना है।