गुजरात के कच्छ में पुलिस ने बिहार के एक कुख्यात ड्रग तस्कर पिंटू यादव की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने उसके नाम पर दर्ज घर और वाहनों को अवैध कमाई का हिस्सा मानते हुए कुर्क कर लिया है।
मुख्य बातें
- गुजरात के कच्छ पुलिस ने बिहार के ड्रग तस्कर पिंटू यादव की ₹22 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की।
- जब्त संपत्ति में ₹15 लाख का घर और ₹6 लाख की कार शामिल है।
- कार्रवाई SAFEMA और NDPS अधिनियम के तहत की गई है।
- आरोपी के खिलाफ गांजे की तस्करी के चार मामले दर्ज हैं।
गुजरात के कच्छ जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के एक कुख्यात ड्रग तस्कर, पिंटू यादव की संपत्ति को जब्त कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई 'स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (प्रॉपर्टी फॉरफीचर) एक्ट, 1976' (SAFEMA) के तहत की है।
कच्छ ईस्ट पुलिस के अनुसार, पिंटू यादव की पत्नी उषा देवी के नाम पर दर्ज ₹15 लाख मूल्य का एक घर, ₹6.25 लाख की एक कार और ₹1 लाख से अधिक मूल्य के दो दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं। यादव मूल रूप से बिहार के भागलपुर का रहने वाला है और पिछले एक दशक से कच्छ क्षेत्र में सक्रिय था।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक मिसाल है कि कैसे ड्रग्स के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्ति को लक्षित किया जा सकता है। पुलिस ने केवल गिरफ्तारी ही नहीं की, बल्कि आरोपी के बैंक स्टेटमेंट और आयकर रिटर्न का गहन विश्लेषण कर यह साबित किया कि यह संपत्ति अपराध की कमाई (proceeds of crime) से बनाई गई थी।
'यह कार्रवाई दर्शाती है कि अब पुलिस केवल अपराधियों को जेल नहीं भेज रही, बल्कि उनके आर्थिक आधार को भी ध्वस्त कर रही है।'
पिंटू यादव के खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत चार अलग-अलग मामले दर्ज हैं। सबसे हालिया मामले में, फरवरी 2025 में उसके पास से ₹14 लाख मूल्य का 140 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिंटू यादव का आपराधिक इतिहास 2019 से शुरू हुआ था। जून 2019 में उसके पास से पहली बार गांजा बरामद किया गया था। इसके बाद 2020, 2022 और 2025 में भी उसके खिलाफ तस्करी के मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने NDPS अधिनियम की धारा 68(H) का उपयोग करते हुए उसकी संपत्ति की पहचान की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. पुलिस ने संपत्ति क्यों जब्त की?
क्योंकि पुलिस ने साबित किया कि संपत्ति अवैध ड्रग व्यापार से हुई कमाई से खरीदी गई थी।
2. क्या आरोपी को चुनौती देने का मौका मिलेगा?
हाँ, आरोपी को यह साबित करने के लिए 45 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है कि संपत्ति वैध आय से खरीदी गई थी।