सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच ने विजयवाड़ा में तैनात एक सीजीएसटी अधीक्षक को ₹1.5 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारी को ₹50,000 की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
मुख्य बातें
- सीबीआई ने इब्राहिमपट्टनम में तैनात सीजीएसटी अधीक्षक को गिरफ्तार किया।
- आरोपी ने टैक्स नोटिस रोकने के बदले ₹1.5 लाख की रिश्वत मांगी थी।
- ट्रैप के दौरान अधिकारी ₹50,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
- विजयवाड़ा में आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
विशाखापट्टनम में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की एंटी-करप्शन ब्रांच ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के एक अधीक्षक को गिरफ्तार किया है। यह अधिकारी विजयवाड़ा के इब्राहिमपट्टनम में तैनात था और उस पर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का गंभीर आरोप है।
सीबीआई द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला सोमवार (10 अगस्त, 2026) को दर्ज किया गया था। शिकायत चंद्रगुडेम, मिलवराम स्थित M/s. Tapaswi Rice Mill के मालिक द्वारा की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि अधिकारी ने टैक्स देनदारी से संबंधित डिमांड नोटिस जारी करने से रोकने और मामले को रफा-दफा करने के बदले कुल ₹1.5 लाख की रिश्वत की मांग की थी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकारी विभागों में इस तरह की घटनाएं करदाताओं के विश्वास को गहरा नुकसान पहुंचाती हैं। जब कर संग्रह करने वाले अधिकारी ही करदाताओं को डराकर अवैध धन वसूलते हैं, तो यह पूरी अर्थव्यवस्था की पारदर्शिता और शासन व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति ही सरकारी संस्थानों की साख को बहाल कर सकती है।
सीबीआई ने एक जाल (trap) बिछाया, जिसमें अधिकारी को ₹50,000 की पहली किस्त स्वीकार करते समय रंगे हाथों पकड़ा गया। छापेमारी के दौरान मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। गिरफ्तारी के बाद, विजयवाड़ा में आरोपी के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भ्रष्टाचार के मामलों को देखने वाली सर्वोच्च संस्था है। पिछले कुछ वर्षों में, सीजीएसटी और अन्य कर विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता बढ़ी है, जिससे सरकारी तंत्र में जवाबदेही तय करने की कोशिश की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. आरोपी अधिकारी पर क्या आरोप हैं?
आरोपी पर टैक्स नोटिस रोकने के बदले ₹1.5 लाख की रिश्वत मांगने और उसका एक हिस्सा स्वीकार करने का आरोप है।
2. सीबीआई ने नागरिकों से क्या अपील की है?
सीबीआई ने नागरिकों से सरकारी विभागों, बैंकों और बीमा कंपनियों में भ्रष्टाचार की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है।