कन्नियाकुमारी जिला अपराध शाखा (DCB) ने 9 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में डिवाइन चिट फंड्स के मालिक पॉलराज को चेन्नई से गिरफ्तार किया है। इस घोटाले में 90 से अधिक लोग शिकार हुए हैं।
मुख्य बिंदु
- ₹9 करोड़ की कुल धोखाधड़ी का मामला।
- 90 से अधिक निवेशक हुए ठगे।
- मुख्य आरोपी पॉलराज को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया।
कन्नियाकुमारी जिला अपराध शाखा (DCB) की पुलिस ने एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 57 वर्षीय व्यक्ति, पॉलराज को गिरफ्तार किया है। आरोपी 'डिवाइन चिट फंड्स' का मालिक है और उस पर 90 से अधिक लोगों के साथ लगभग 9 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब तिरपारापू निवासी 47 वर्षीय सतीश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। सतीश ने अप्रैल 2022 में पॉलराज द्वारा संचालित 10 लाख रुपये की नीलामी चिट में निवेश किया था और किस्तों में 8.83 लाख रुपये का भुगतान किया था। चिट की अवधि समाप्त होने के बाद, जब सतीश ने अपनी राशि वापस मांगी, तो पॉलराज ने भुगतान में देरी की और अंततः अपने परिवार के साथ फरार हो गया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित चिट फंड योजनाएं अभी भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। यह मामला दर्शाता है कि कैसे वित्तीय साक्षरता की कमी और उच्च रिटर्न का लालच आम नागरिकों को बड़े जोखिमों में डाल देता है।
अनधिकृत चिट फंड योजनाओं में निवेश करना कानूनी रूप से जोखिम भरा है क्योंकि इनमें नियामक निगरानी का अभाव होता है।
पुलिस जांच में यह पाया गया कि पॉलराज ने क्षेत्र में इसी तरह की कई योजनाएं चलाई थीं। दिसंबर 2025 में मामला दर्ज होने के बाद, पुलिस ने गहन जांच की और रविवार को आरोपी को चेन्नई से धर दबोचा। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस घोटाले में कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
उत्तर: अब तक की जांच के अनुसार, 90 से अधिक लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
प्रश्न 2: यदि कोई अन्य व्यक्ति भी ठगा गया है तो उसे क्या करना चाहिए?
उत्तर: DCB पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति जिसने इस घोटाले में पैसा खोया है, वह पुलिस स्टेशन जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।