CBI ने दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ खंड अभियंता और एक निजी व्यक्ति को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह मामला 7 करोड़ रुपये के बोनस दावे में हेरफेर से जुड़ा है।

मुख्य बिंदु

  • CBI ने दक्षिण मध्य रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता बापिरजू को गिरफ्तार किया।
  • ठेकेदार के बेटे श्रीचंद को 15 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए पकड़ा गया।
  • मामला 179.50 करोड़ रुपये के सिग्नलिंग प्रोजेक्ट में 7 करोड़ रुपये के बोनस से जुड़ा है।
  • आरोप है कि बोनस राशि जारी करने के लिए फाइलों और तारीखों में हेरफेर की गई।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ खंड अभियंता और एक निजी व्यक्ति को कथित तौर पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई विजयवाड़ा में एक बड़े रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी है, जिसमें करोड़ों रुपये के बोनस के दावे में धांधली का संदेह है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान बापिरजू के रूप में हुई है, जो दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य सिग्नल और दूरसंचार इंजीनियर (प्रोजेक्ट्स) कार्यालय में वरिष्ठ खंड अभियंता हैं। उनके साथ श्रीचंद को भी गिरफ्तार किया गया है, जो येला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का पुत्र है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद 179.50 करोड़ रुपये के 'ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग' प्रोजेक्ट से शुरू हुआ। गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) को यह काम सौंपा गया था। काम समय से पहले पूरा करने के आधार पर, इस संयुक्त उद्यम ने लगभग 7 करोड़ रुपये के बोनस की मांग की थी।

BozokMedia विश्लेषण: भ्रष्टाचार का तरीका

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल रिश्वत तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों और फाइलों के साथ गंभीर छेड़छाड़ का भी है। CBI का आरोप है कि अधिकारियों ने संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए बोनस फाइल से संबंधित तारीखों को जानबूझकर बदला और हेरफेर किया ताकि बोनस राशि को मंजूरी दी जा सके।

सरकारी परियोजनाओं में समय से पहले काम पूरा करने का लालच अक्सर बड़े वित्तीय घोटालों और दस्तावेजी हेरफेर का कारण बनता है।

CBI ने बताया कि रिश्वत की राशि विशाखापत्तनम से विजयवाड़ा यात्रा के दौरान दी जानी थी। एजेंसी ने जाल बिछाकर अभियंता को 15 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले में अभियुक्तों के विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पीठापुरम और हैदराबाद स्थित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है।

क्या आप जानते हैं?: रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट्स में देरी से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता पर भी सीधा असर पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. यह रिश्वत किस काम के लिए दी जा रही थी?
यह रिश्वत 7 करोड़ रुपये के बोनस दावे को मंजूर करने और उसे जारी करने के बदले में दी जा रही थी।

2. CBI किन स्थानों पर छापेमारी कर रही है?
CBI विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पीठापुरम और हैदराबाद में आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ले रही है।