फ्रांस के एक वरिष्ठ सिविल सेवक क्रिस्टियन नेग्रे पर नौकरी के इंटरव्यू के दौरान लगभग 250 महिलाओं को नशीली दवाएं देने का आरोप लगा है। पीड़ितों ने 'केमिकल सबमिशन' के भयानक अनुभवों को साझा किया है, जहां उन्हें सार्वजनिक रूप से मूत्र विसर्जन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

  • वरिष्ठ फ्रांसीसी सिविल सेवक क्रिस्टियन नेग्रे पर 2009 से 2018 के बीच नौकरी के इंटरव्यू के दौरान लगभग 250 महिलाओं को नशीली दवा देने का आरोप है।
  • आरोपी ने पेय पदार्थों में मूत्रवर्धक (diuretics) दवाओं का उपयोग किया और 'एक्सपेरिमेंट पी' नामक स्प्रेडशीट में पीड़ितों की प्रतिक्रियाओं को रिकॉर्ड किया।
  • यह मामला फ्रांस में 'केमिकल सबमिशन' (रासायनिक अधीनता) और सरकारी पदों पर बैठे लोगों द्वारा सत्ता के दुरुपयोग पर एक गंभीर राष्ट्रीय बहस को जन्म देता है।

फ्रांस के संस्कृति मंत्रालय में एक बेहद चौंकाने वाला और घिनौना मामला सामने आया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, क्रिस्टियन नेग्रे (Christian Nègre) पर आरोप है कि उसने नौकरी का इंटरव्यू देने आईं लगभग 250 महिलाओं को नशीली दवाएं दीं। इस मामले की शिकार बनीं महिलाओं ने अपने डरावने अनुभवों को साझा किया है, जिससे फ्रांसीसी प्रशासन और समाज में हड़कंप मच गया है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर ऐसी दवाएं दी गईं जिससे वे अपने शारीरिक नियंत्रण को खो बैठें।

पीड़ितों में से एक, 27 वर्षीय अनाइस डी वोस (Anaïs de Vos) ने बताया कि जुलाई 2011 में जब वह संस्कृति मंत्रालय में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गईं, तो नेग्रे ने उन्हें कॉफी की पेशकश की। अनाइस आमतौर पर कॉफी नहीं पीती थीं, लेकिन शिष्टाचार के नाते उन्होंने आधा कप पी लिया। इसके तुरंत बाद, नेग्रे उन्हें पेरिस की सड़कों पर टहलने के लिए ले गया। टहलते समय अनाइस को अचानक और अनियंत्रित रूप से मूत्र विसर्जन की तीव्र इच्छा महसूस होने लगी। जब उन्होंने शौचालय जाने की बात कही, तो नेग्रे ने बेहद अजीब और खुशी भरे अंदाज में उनकी तरफ देखा और उन्हें सीन नदी के पास एक संकरी अंधेरी कोठरी में जाने का सुझाव दिया।

'एक्सपेरिमेंट पी' स्प्रेडशीट का खौफनाक सच

जांच के दौरान पुलिस को क्रिस्टियन नेग्रे के कंप्यूटर से एक बेहद आपत्तिजनक और व्यवस्थित स्प्रेडशीट मिली, जिसका शीर्षक 'एक्सपेरिमेंट पी' (Experiments P) था। इस दस्तावेज़ में उन सभी महिलाओं का पूरा ब्योरा दर्ज था जिन्हें नेग्रे ने निशाना बनाया था। इसमें महिलाओं के आगमन का समय, उन्हें दवा देने का समय, दवा का असर शुरू होने की अवधि और यहां तक कि उनके द्वारा पहने गए अंतःवस्त्रों (underwear) का विवरण भी दर्ज था। पुलिस का मानना है कि नेग्रे ने इन महिलाओं को 'डाईयूरेटिक्स' (diuretics) नामक दवा दी थी, जो शरीर में तेजी से मूत्र का निर्माण करती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की विकृत मानसिकता का नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद गंभीर कमियों को उजागर करता है। नौकरी चाहने वाली युवतियों की लाचारी और उनके करियर की उम्मीदों का फायदा उठाकर इस तरह का घिनौना कृत्य करना बेहद निंदनीय है। फ्रांस में हाल ही में आए 'गिसेल पेलिकोट' मामले के बाद, यह घटना 'केमिकल सबमिशन' (रासायनिक अधीनता) के खिलाफ चल रही लड़ाई को और मजबूत करती है और यह दर्शाती है कि कार्यस्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना कितना अनिवार्य है।

"पेशेवर और सरकारी माहौल में रासायनिक अधीनता (chemical submission) का उपयोग शिकारी व्यवहार के सबसे घिनौने रूप को दर्शाता है, जहां पीड़ितों की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए उनकी बुनियादी शारीरिक आवश्यकताओं को हथियार बनाया जाता है।" - डॉ. क्लेयर लॉरेंट, कानूनी मनोवैज्ञानिक।

एक और पीड़िता: मैरी-हेलेन ब्रिस का दर्दनाक अनुभव

साल 2016 में स्ट्रासबर्ग में इंटरव्यू देने वाली मैरी-हेलेन ब्रिस (Marie-Hélène Brice) भी इस दरिंदगी का शिकार बनीं। नेग्रे ने उन्हें तनावमुक्त करने के बहाने नहर के किनारे टहलने के लिए कहा। वहां भी मैरी-हेलेन को अचानक असहनीय दर्द और मूत्र विसर्जन की तीव्र इच्छा होने लगी। नेग्रे लगातार उन पर नजरें गड़ाए हुए था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब जून 2018 में नेग्रे को एक सहकर्मी ने टेबल के नीचे से एक महिला की गुप्त तस्वीर लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद उसे 2019 में बर्खास्त कर दिया गया और वर्तमान में वह कानूनी जांच का सामना कर रहा है।

विशेषताअनाइस डी वोसमैरी-हेलेन ब्रिस
वर्ष और स्थान2011, पेरिस2016, स्ट्रासबर्ग
दिया गया पेयकॉफी (Coffee)चाय / पानी (Tea/Water)
घटना स्थलसीन नदी / लूवर संग्रहालयस्ट्रासबर्ग नहर के किनारे
क्या आप जानते हैं?: मूत्रवर्धक (Diuretics) दवाएं आमतौर पर उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों के इलाज के लिए दी जाती हैं, लेकिन इनका दुरुपयोग कर किसी को 'केमिकल सबमिशन' का शिकार बनाना चिकित्सा इतिहास और अपराध जगत में एक अत्यंत दुर्लभ और विकृत घटना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: फ्रांस के कानून में 'केमिकल सबमिशन' क्या है?
उत्तर: रासायनिक अधीनता (Chemical Submission) का अर्थ है किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसे नशीली दवाएं या रसायन देना ताकि उसके व्यवहार, चेतना या शारीरिक नियंत्रण को अपने वश में किया जा सके।

प्रश्न 2: आरोपी क्रिस्टियन नेग्रे को वर्तमान में किन आरोपों का सामना करना पड़ रहा है?
उत्तर: क्रिस्टियन नेग्रे पर वर्तमान में महिलाओं को नशीली दवाएं देने, गोपनीयता का उल्लंघन करने और नौकरी के इंटरव्यू के बहाने यौन उत्पीड़न करने के आरोपों के तहत आपराधिक मामला चल रहा है।