तमिलनाडु के इरोड जिले में वन विभाग ने चंदन का पेड़ काटने और तस्करी करने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मंदिर दर्शन के बहाने क्षेत्र में आए थे और दो दिनों से तस्करी की योजना बना रहे थे।
- इरोड के बरगुर क्षेत्र में चंदन तस्करी की कोशिश नाकाम।
- तिरुचि जिले के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
- वन विभाग ने 75 किलो चंदन और उपकरण जब्त किए।
तमिलनाडु के इरोड जिले में वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बरगुर की पहाड़ियों में चंदन का पेड़ काटने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना थामराइकारई के पास ओन्थनई वन क्षेत्र से सटे एक खेत की है, जहाँ मंगलवार को संदिग्ध गतिविधियों के बाद कार्रवाई की गई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान तिरुचि जिले के थुरैयुर निवासी एम. सेंथिलकुमार (35) और मुसुरी निवासी जी. लोगनाथन (27) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ये दोनों आरोपी काफी समय से इस क्षेत्र में सक्रिय थे और चंदन की तस्करी के इरादे से यहाँ आए थे।
घटना का विवरण
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदन का पेड़ एरान्नन नामक व्यक्ति के खेत में स्थित था। मंगलवार तड़के जब दोनों आरोपी आरी से पेड़ काटने की कोशिश कर रहे थे, तभी स्थानीय निवासी एरान्नन और अन्य ग्रामीणों की नज़र उन पर पड़ गई। ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को चारों ओर से घेर लिया और तब तक नहीं छोड़ा जब तक वन विभाग नहीं पहुँच गया।
फोरस्टर ईश्वरमूर्ति के नेतृत्व में पहुँची वन विभाग की टीम ने मौके से लगभग 75 किलोग्राम वजनी, पाँच फीट लंबा कटा हुआ चंदन का पेड़, एक आरी और एक चाकू बरामद किया है।
तस्करी का शातिर तरीका
प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी वास्तव में पुदुपालयम स्थित गुरुनाथस्वामी मंदिर के दर्शन करने के बहाने इरोड आए थे। वे पिछले दो दिनों से बरगुर वन क्षेत्र में छिपे हुए थे और चंदन के पेड़ को काटकर तस्करी करने की योजना बना रहे थे।
वन विभाग की सतर्कता और स्थानीय ग्रामीणों की जागरूकता ने एक बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन की चोरी को रोक दिया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चंदन की तस्करी के लिए अब अपराधी धार्मिक पर्यटन का सहारा ले रहे हैं। तीर्थयात्रियों के रूप में आकर वन क्षेत्रों में घुसना और फिर अवैध गतिविधियों को अंजाम देना एक नया और खतरनाक ट्रेंड बन गया है, जिससे वन सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
Frequently Asked Questions
1. आरोपियों पर क्या कार्रवाई की गई है?
जिला वन अधिकारी के निर्देशानुसार, दोनों आरोपियों पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
2. क्या इस मामले में और लोग शामिल हो सकते हैं?
हाँ, वन विभाग को संदेह है कि इस गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।