तिरुनेलवेली की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने चार नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के दोषी उपदेशक एस. अब्राहम को चार अलग-अलग मामलों में मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़ितों के लिए मुआवजे का भी आदेश दिया है।

  • दोषी उपदेशक एस. अब्राहम को चार अलग-अलग पॉक्सो मामलों में मृत्युदंड दिया गया।
  • आरोपी ने नैतिक शिक्षा देने के बहाने चार नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया था।
  • अदालत ने प्रत्येक पीड़िता को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में न्याय की एक बड़ी जीत हुई है। विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने एक 50 वर्षीय उपदेशक, एस. अब्राहम, को चार नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण करने के अपराध में चार अलग-अलग मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। यह फैसला उन मासूमों के लिए न्याय की उम्मीद लेकर आया है जिनके साथ 2022 में यह जघन्य अपराध किया गया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अब्राहम मेला इलंथैकुलम के पास एक प्रार्थना कक्ष चलाता था। उसने छुट्टियों के दौरान 'नैतिक शिक्षा' (Moral Classes) देने का झांसा देकर इन बच्चियों को अपने जाल में फंसाया। जब लड़कियों ने अपने माता-पिता को इस भयावह सच्चाई के बारे में बताया, तो तुरंत तिरुनेलवेली ग्रामीण महिला पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई। आरोपी को 5 जुलाई, 2022 को गिरफ्तार किया गया था।

न्यायालय का सख्त रुख

पॉक्सो विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार ने गुरुवार को अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अब्राहम को चार बार फांसी की सजा सुनाई और उस पर 52,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट ने तमिलनाडु सरकार को आदेश दिया कि वह प्रत्येक पीड़ित लड़की को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करे।

यह फैसला समाज में यह कड़ा संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए कोई माफी नहीं है।

पुलिस अधीक्षक विश्वेश बालासुब्रमण्यम शास्त्री ने इस मामले की जांच करने वाले अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं के सटीक और सराहनीय कार्य के कारण ही आरोपी को पूंजीगत सजा (Capital Punishment) दिलाने में सफलता मिली।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के कड़े फैसले समाज में अपराधियों के मन में भय पैदा करने और न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए आवश्यक हैं। विशेष रूप से तब, जब अपराधी धार्मिक या सामाजिक पदों का दुरुपयोग करके बच्चों तक पहुंच प्राप्त करते हैं।

एसपी शास्त्री ने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक पॉक्सो के 17 मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें से दो मामलों में मृत्युदंड, चार में आजीवन कारावास और एक मामले में 25 वर्ष की सजा दी गई है।

Did You Know?: पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) को बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए 2012 में लागू किया गया था, जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक अत्यंत सख्त कानून है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: आरोपी को कितनी सजा सुनाई गई है?
उत्तर: आरोपी एस. अब्राहम को चार अलग-अलग मामलों के लिए चार बार मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।

प्रश्न 2: अदालत ने पीड़ितों के लिए क्या आदेश दिया है?
उत्तर: अदालत ने तमिलनाडु सरकार को प्रत्येक पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।