संयुक्त राज्य अमेरिका में काम कर चुके सारथ सुब्रमण्यन शंकर को 2023 और 2025 के बीच देश भर के हवाई अड्डों, शैक्षणिक संस्थानों, राजनीतिक नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को 1,500 से अधिक बम धमकी ईमेल भेजने का आरोप है। मदुरै पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
- चेन्नई हवाई अड्डे पर 22 जुलाई 2026 को गिरफ्तार सॉफ्टवेयर इंजीनियर सारथ सुब्रमण्यन शंकर को मदुरै पुलिस ने हिरासत में लिया है।
- शंकर पर 2023 से 2025 के बीच 1,500 से अधिक बम धमकी ईमेल भेजने का आरोप है।
- ईमेल देश भर के हवाई अड्डों, शैक्षणिक संस्थानों, राजनीतिक नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजे गए थे।
- शंकर ने तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक विंग द्वारा दर्ज 31 मामलों में से 20 बम धमकियों को स्वीकार किया है।
- आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों की पुलिस भी उससे पूछताछ करेगी।
- सभी मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।
चेन्नई: मदुरै पुलिस ने 2023 और 2025 के बीच देश भर में 1,500 से अधिक बम धमकी ईमेल भेजने के आरोप में चेन्नई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किए गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर सारथ सुब्रमण्यन शंकर को पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में ले लिया है। शंकर, जो पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में काम कर रहा था, को हाल ही में तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक विंग (TN Counter Terrorism Wing) द्वारा गिरफ्तार किया गया था और पुझल जेल में रखा गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शंकर ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उसने तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक विंग द्वारा दर्ज की गई 31 विभिन्न मामलों से संबंधित 20 बम धमकियों को अंजाम दिया था। इस कबूलनामे के बाद, मदुरै पुलिस ने आगे की जांच और अन्य संभावित लिंक का पता लगाने के लिए उसे हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू की।
मामले का दायरा बढ़ रहा है
यह मामला अब केवल तमिलनाडु तक ही सीमित नहीं है। आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की पुलिस भी सारथ सुब्रमण्यन शंकर को अपनी-अपनी राज्यों में दर्ज बम धमकी से संबंधित मामलों में पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि इन धमकियों का जाल कितना व्यापक हो सकता है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक विंग ने यह भी बताया है कि इन सभी मामलों को जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। NIA की भागीदारी से इस मामले की जांच में और गहराई आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि सभी संबंधित कड़ियां जोड़ी जा सकें और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह पहली बार नहीं है जब देश में इस तरह की बड़े पैमाने पर बम धमकी की घटनाएं सामने आई हैं। अतीत में भी, विभिन्न व्यक्तियों और समूहों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर ऐसी धमकियां दी गई हैं। हालांकि, सारथ सुब्रमण्यन शंकर द्वारा भेजे गए ईमेल की संख्या और विभिन्न राज्यों में फैले इसके प्रभाव को देखते हुए, यह मामला विशेष रूप से गंभीर है। ऐसी धमकियों से न केवल आम जनता में भय और अराजकता फैलती है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों पर भी भारी बोझ पड़ता है, जिससे उनकी कीमती संसाधन वास्तविक खतरों से निपटने में कम लग पाते हैं।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia analysis shows that the increasing sophistication and reach of cyber-enabled threats pose a significant challenge to law enforcement agencies. The arrest of Sarath Subramanian Shankar highlights the critical need for robust cybersecurity measures and international cooperation to combat such crimes. The potential transfer of the case to the NIA underscores the national security implications and the government's commitment to tackling terrorism-related activities.
“यह घटना साइबर अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव को उजागर करती है, जिसके लिए बहु-राज्यीय सहयोग और उन्नत जांच तकनीकों की आवश्यकता है।”
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सारथ सुब्रमण्यन शंकर को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
उत्तर: सारथ सुब्रमण्यन शंकर को 2023 और 2025 के बीच देश भर में 1,500 से अधिक बम धमकी ईमेल भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 2: इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी करेगी?
उत्तर: तमिलनाडु आतंकवाद निरोधक विंग के अनुसार, इन सभी मामलों को जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।