मेरठ में दो किसान नेताओं ने एसएसपी कार्यालय और एसओजी कार्यालय में बर्बरतापूर्वक मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद एडीजी ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

  • किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया।
  • आरोप है कि उन्हें 90 मिनट तक जूतों और लाठियों से पीटा गया।
  • एडीजी मेरठ जोन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
  • समाजवादी पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार को घेरा है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के दो प्रमुख नेताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालय में उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने दावा किया कि उन्हें एसएसपी कार्यालय और बाद में एसओजी कार्यालय में बेहद अपमानजनक और हिंसक तरीके से प्रताड़ित किया गया।

दिग्विजय भाटी के अनुसार, उन्हें बुधवार सुबह एसएसपी कार्यालय बुलाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें जबरन अंदर खींचकर लगभग 90 मिनट तक जूतों, मुक्कों और लात से पीटा। भाटी ने यह भी दावा किया कि इसके बाद उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां लाठियों और लकड़ी के फट्टों से उनके पैरों के तलवों, कमर और पीठ पर हमला किया गया, जिससे उनकी आंख के पास गंभीर चोट आई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस तरह की घटनाएं कानून प्रवर्तन एजेंसियों की छवि और नागरिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली और सत्ता के दुरुपयोग का एक बड़ा उदाहरण होगा, जो कानून के शासन को चुनौती देता है।

'सत्ता के गलियारों में पुलिस की इस तरह की कथित बर्बरता लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए एक गंभीर खतरा है।'

इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने एडीजी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान नेताओं को दी जा रही यह 'तीसरी श्रेणी की प्रताड़ना' सरकार की हार के डर को दर्शाती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह को इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Did You Know?: उत्तर प्रदेश में पुलिस के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों पर अब उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग अक्सर उठती रहती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किसान नेताओं ने किन पर आरोप लगाए हैं?
उत्तर: किसान नेताओं ने मेरठ एसएसपी कार्यालय और एसओजी कार्यालय के पुलिसकर्मियों पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

प्रश्न 2: वर्तमान में मामले की क्या स्थिति है?
उत्तर: एडीजी मेरठ जोन ने मामले की जांच के लिए डीआईजी सहारनपुर को आदेश दे दिए हैं।