पटना हाईकोर्ट ने एक बुजुर्ग महिला के साथ विश्वासघात करने वाली बेटी और पोते की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपियों ने तीर्थयात्रा के बहाने महिला को अपने घर ले जाकर उनके बैंक खाते से 14 लाख रुपये निकाल लिए थे।

  • पटना हाईकोर्ट ने बुजुर्ग महिला के साथ विश्वासघात करने वाले बेटी और पोते की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।
  • आरोपियों ने तीर्थयात्रा का झांसा देकर महिला के खाते से 14 लाख रुपये निकाले।
  • कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने बुजुर्ग महिला के भरोसे को तोड़ा है, जिससे वह अब अपने बच्चों पर निर्भर है।

पटना हाईकोर्ट ने एक अत्यंत हृदयविदारक मामले में एक बुजुर्ग महिला के साथ विश्वासघात करने वाली उसकी बेटी और पोते की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने पाया कि आरोपियों ने बुजुर्ग महिला के विश्वास का फायदा उठाते हुए उनके जीवन भर की जमा पूंजी को हड़प लिया।

मामले के अनुसार, बुजुर्ग महिला अपने दिवंगत पति की पेंशन पर जीवन यापन कर रही थीं। उनके बैंक खाते में लगभग 14 लाख रुपये जमा थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी, दामाद और पोते ने उन्हें तीर्थयात्रा पर ले जाने का झांसा देकर अपने घर बुला लिया। वहां ले जाने के बाद, आरोपियों ने 'लाइफ सर्टिफिकेट' (जीवन प्रमाण पत्र) जमा करने के बहाने उनके अंगूठे के निशान लिए और बैंक खाते से पूरी राशि निकाल ली।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मामला समाज में बुजुर्गों के प्रति गिरते नैतिक मूल्यों और वित्तीय सुरक्षा के गंभीर संकट को दर्शाता है। जब परिवार के ही सदस्य, जो सुरक्षा के स्तंभ होने चाहिए, संरक्षक के बजाय शिकारी बन जाएं, तो यह न केवल कानूनी बल्कि एक गहरा सामाजिक संकट है।

न्यायाधीश राजीव रॉय ने टिप्पणी की कि आरोपियों ने उस बुजुर्ग महिला के विश्वास को तोड़ा है, जो अब अपने दैनिक जीवन के लिए अपने ही बच्चों की दया पर निर्भर है।

सुनवाई के दौरान, बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि महिला स्वेच्छा से उनके पास आई थीं और उनका इलाज किया जा रहा था। हालांकि, शिकायतकर्ता के वकील ने ठोस सबूत पेश करते हुए कहा कि आरोपियों ने बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कर लिया था, ताकि महिला को लेनदेन के एसएमएस न मिल सकें।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत चोरी के आरोपों से संबंधित है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिस तरह से आरोपियों ने बुजुर्ग महिला की लाचारी का फायदा उठाया, उसके आधार पर उन्हें कोई राहत नहीं दी जा सकती।

Did You Know?: भारत में बुजुर्गों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे 'एल्डर एब्यूज' (Elder Abuse) एक गंभीर कानूनी चिंता बन गया है।

Frequently Asked Questions

1. आरोपियों ने पैसे कैसे निकाले?
आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने के बहाने उनके अंगूठे के निशान लिए और बैंक खाते से पैसे निकाल लिए।

2. अदालत का इस मामले पर क्या रुख रहा?
पटना हाईकोर्ट ने आरोपियों के विश्वासघात को देखते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।