पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के बलात्कार मामले की एक मुख्य गवाह ने बेंगलुरु की अदालत में जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत की है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CID जांच और गवाह को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं।

  • गवाह ने अदालत में बयान दिया कि उसे और उसके बेटे को धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं।
  • बेंगलुरु की विशेष अदालत ने इस मामले की CID जांच के आदेश दिए हैं।
  • अदालत ने गवाह और उसके बेटे को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।

बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने पूर्व हसन सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ चल रहे बलात्कार मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। मामले की एक मुख्य अभियोजन गवाह ने अदालत को सूचित किया है कि गवाही देने के बाद से उसे और उसके बेटे को लगातार धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। गवाह ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरा डर व्यक्त किया है।

43 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता, जो हसन जिले से ताल्लुक रखती हैं, ने गुरुवार को जिरह के दौरान यह गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्हें आरोपियों से अपनी जान का खतरा है और यदि उन्हें या उनके बेटे को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर आरोपी जिम्मेदार होंगे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि गवाहों को डराना-धमकाना न्याय प्रणाली के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस मामले में अदालत का त्वरित हस्तक्षेप न केवल गवाह की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की अखंडता को भी बनाए रखता है। यदि गवाह डरे हुए हैं, तो निष्पक्ष सुनवाई का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

न्याय की जीत तभी संभव है जब गवाह बिना किसी भय के सच बोलने का साहस जुटा सकें।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, अदालत ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (CID) को इस मामले की विस्तृत जांच करने और अगली सुनवाई तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अदालत ने कानून के अनुसार गवाह को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने का आदेश भी दिया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रज्वल रेवन्ना, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और विधायक एचडी रेवन्ना के पुत्र हैं। उन्होंने 2019 से 2024 तक हसन का प्रतिनिधित्व किया। मई 2024 में यौन शोषण के मामलों में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद अगस्त 2025 में उन्हें बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वर्तमान में वह परप्पाना अग्रहारा जेल में बंद हैं।

Did You Know?: कर्नाटक की जांच एजेंसियां इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों के लिए जेल के भीतर से मोबाइल और पेन ड्राइव जैसे उपकरण भी बरामद कर चुकी हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: अदालत ने गवाह की सुरक्षा के लिए क्या आदेश दिया है?
उत्तर: अदालत ने पुलिस को गवाह और उसके बेटे को कानून के अनुसार तत्काल सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है।

प्रश्न 2: मामले की जांच कौन करेगा?
उत्तर: अदालत ने इस धमकी भरे मामले की जांच के लिए अपराध जांच विभाग (CID) को आदेश दिया है।