बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के सह-अध्यक्ष वाई आर सदाशिव रेड्डी ने अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा पर कुप्रबंधन, भाई-भतीजावाद और फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
- सह-अध्यक्ष वाई आर सदाशिव रेड्डी ने अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की।
- मिश्रा पर कुप्रबंधन, भाई-भतीजावाद और ₹150 करोड़ के फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
- NALSAR छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने वाले विवाद ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।
भारतीय बार काउंसिल (BCI) के भीतर एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता वाई आर सदाशिव रेड्डी, जो परिषद के सह-अध्यक्ष हैं, ने एक छह पन्नों के पत्र के माध्यम से अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा से तत्काल इस्तीफा देने का आह्वान किया है। रेड्डी ने तर्क दिया कि देश की 'बार' (वकीलों का समुदाय) वर्तमान नेतृत्व से कहीं बेहतर की हकदार है।
NALSAR विवाद और सत्ता का दुरुपयोग
इस विवाद की जड़ें हाल ही में हुए एक विवादास्पद निर्देश में छिपी हैं। अगस्त में, मनन कुमार मिश्रा ने एक निर्देश जारी किया था जिसमें NALSAR यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों को नामांकित न करने की बात कही गई थी। यह कदम CJI सूर्यकांत को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आमंत्रित करने के विरोध में छात्रों के आंदोलन के जवाब में उठाया गया था। हालांकि बाद में इस निर्देश को वापस ले लिया गया, लेकिन रेड्डी ने इसे 'विचारों की स्वतंत्रता' पर हमला और छात्रों को डराने की कोशिश करार दिया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि यह भारत की कानूनी नियामक संस्था की अखंडता पर सवाल उठाता है। यदि एक पेशेवर नियामक संस्था अपने ही छात्रों और सदस्यों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण निर्णय लेती है, तो इससे पूरे कानूनी ढांचे का विश्वास कम हो सकता है।
'यह संस्था तब तक ठीक नहीं होगी जब तक आप कुर्सी पर बने रहेंगे।' - वाई आर सदाशिव रेड्डी
फंड के दुरुपयोग और भाई-भतीजावाद के आरोप
रेड्डी ने आरोप लगाया है कि मिश्रा का कार्यकाल (2012 से वर्तमान तक) संस्थागत भ्रष्टाचार से भरा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 'BCI Trust PEARL First' नामक एक नया ट्रस्ट बनाया गया और उसमें ₹150 करोड़ स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया। रेड्डी के अनुसार, नए लॉ कॉलेजों से इस ट्रस्ट में ₹25 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की 'योगदान' राशि की मांग की जा रही है।
इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद के महत्वपूर्ण पदों पर मिश्रा के अपने परिवार के लोग आसीन हैं, जिससे संस्था में भाई-भतीजावाद चरम पर है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वाई आर सदाशिव रेड्डी ने क्या मांग की है?
उत्तर: उन्होंने BCI के खातों का स्वतंत्र ऑडिट और अध्यक्ष का इस्तीफा मांगा है।
प्रश्न 2: NALSAR विवाद क्या था?
उत्तर: अध्यक्ष द्वारा छात्रों के एक विरोध प्रदर्शन के कारण उनके भविष्य के नामांकन पर रोक लगाने का विवादास्पद आदेश दिया गया था।