कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने अपनी निजता के हनन और घर का पता सार्वजनिक करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने डिजिटल मीडिया पोर्टल्स और राजनीतिक टिप्पणीकार अभिजित अय्यर-मित्रा के खिलाफ मुआवजे की मांग की है।
- सौरव दास ने डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया है।
- आरोप है कि उनके निजी आवासीय पते को सार्वजनिक करके उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला गया है।
- याचिका में अभिजित अय्यर-मित्रा और दो प्रमुख यूट्यूब चैनलों को नामजद किया गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने अपनी निजता के गंभीर उल्लंघन के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक दीवानी मुकदमा दायर किया है। अपने वकील सम्यक गंगवाल के माध्यम से, दास ने डिजिटल मीडिया पोर्टलों, सोशल मीडिया मध्यस्थों और राजनीतिक टिप्पणीकार अभिजित अय्यर-मित्रा के खिलाफ मुआवजे की मांग की है। उनका आरोप है कि उनके निजी आवासीय पते को सार्वजनिक रूप से प्रसारित करके उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और गोपनीयता के साथ खिलवाड़ किया गया है।
सौरव दास ने अदालत से मांग की है कि उनके निजी विवरणों, विशेष रूप से उनके घर के पते के प्रसार पर तत्काल रोक लगाई जाए और सार्वजनिक डोमेन में मौजूद उनकी व्यक्तिगत जानकारी को हटाया जाए। याचिका में विशेष रूप से दो यूट्यूब चैनलों, 'द पैम्फलेट' (The Pamphlet) और 'जयपुर डायलॉग्स' (The Jaipur Dialogues) का उल्लेख किया गया है। दास का आरोप है कि अय्यर-मित्रा ने उनके निवास की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिससे उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप हुआ है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला डिजिटल युग में 'डॉक्सिंग' (Doxing) के बढ़ते खतरे को रेखांकित करता है, जहाँ सार्वजनिक हस्तियों के निजी डेटा का उपयोग उन्हें डराने या धमकाने के लिए किया जाता है। यह कानूनी लड़ाई यह तय करने में महत्वपूर्ण होगी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टिप्पणीकारों की गोपनीयता के उल्लंघन के लिए कितनी जिम्मेदारी होगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निजी जानकारी का प्रसार न केवल निजता का हनन है, बल्कि यह व्यक्ति और उसके परिवार के लिए शारीरिक हिंसा का सीधा निमंत्रण भी बन सकता है।
अपनी याचिका में, दास ने कहा कि पत्रकारिता और राजनीतिक सक्रियता के कारण उन्हें पहले भी हिंसक धमकियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके सटीक पते का बार-बार खुलासा करना उनके और उनके घर में रहने वाले अन्य सदस्यों के लिए हिंसा का एक वास्तविक और आसन्न जोखिम पैदा करता है।
इससे पहले इस महीने, दास ने दिल्ली पुलिस के पास भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल उनके ग्रेटर कैलाश स्थित निवास में उनकी अनुपस्थिति में अवैध रूप से प्रवेश कर गए और वहां की वीडियो बनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यूट्यूबर्स ने उनके केयरटेकर, सुरक्षा कर्मियों और पड़ोसियों से उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की।
ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो, भारत में निजता के अधिकार को 2017 के 'पुट्टास्वामी निर्णय' के बाद एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई है। यह मामला इस संवैधानिक अधिकार की डिजिटल सीमाओं का परीक्षण करेगा।
Frequently Asked Questions
1. सौरव दास ने किन पर मुकदमा किया है?
उन्होंने अभिजित अय्यर-मित्रा, 'द पैम्फलेट' और 'जयपुर डायलॉग्स' नामक यूट्यूब चैनलों पर मुकदमा किया है।
2. इस मामले में मुख्य मांग क्या है?
मुख्य मांग मुआवजे की है और उनके निजी पते के प्रसार पर कानूनी रोक लगाने की है।